तस्वीर में दिख रही हैं कि डॉ. ज्योति अग्रवाल और प्राध्यापक राखी आर्य आमेट के पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में दीवार पर लगे पोस्टर्स और तस्वीरों का अवलोकन कर रही हैं।

आमेट के पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की पूर्व छात्रा और वर्तमान में नेपाल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत डॉ. ज्योति अग्रवाल लगभग पाँच दशक बाद अपने पुराने विद्यालय पहुँचीं। वर्षों से मन में संजोए विद्यालय को एक बार फिर देखने की इच्छा उन्हें आमेट खींच लाई। विद्यालय पहुँचने पर पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं और अपने तथा अपने पिता के विद्यालय से पुराने जुड़ाव को देखकर वे भावुक हो उठीं।

प्रधानाचार्य प्रकाश चंद्र प्रजापत के निर्देश पर प्राध्यापक राखी आर्य ने डॉ. ज्योति अग्रवाल को पूरे विद्यालय परिसर का भ्रमण करवाया। प्रधानाचार्य प्रकाश चंद्र प्रजापत ने इस भावनात्मक अवसर पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से डॉ. ज्योति से आत्मीय बातचीत की, उन्हें शुभकामनाएँ दीं और उनके विद्यालय आगमन पर खुशी व्यक्त करते हुए पुनः किसी कार्य दिवस में विद्यालय आने का आग्रह किया।

शिक्षक मुकेश वैष्णव ने बताया कि डॉ. ज्योति अग्रवाल लगभग 50 वर्ष पहले विद्यालय की पूर्व छात्रा रही हैं। वर्तमान में नेपाल में डॉक्टर के रूप में सेवा देना विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है। इस दौरान डॉ. ज्योति ने प्रधानाचार्य कक्ष, विशाल खेल मैदान तथा परिसर की अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और अपने विद्यार्थी जीवन की अनेक स्मृतियाँ साझा कीं।

डॉ. ज्योति को विद्यालय में संचालित व्यावसायिक शिक्षा के दो ट्रेड—ब्यूटी एंड वेलनेस तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर की गतिविधियों, पोस्टर्स एवं तस्वीरों के माध्यम से जानकारी दी गई। सरकार द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यावसायिक कौशल से जोड़ने की पहल देखकर डॉ. ज्योति अत्यंत प्रसन्न हुईं और उन्होंने इसकी सराहना की।

डॉ. ज्योति के पिता स्वर्गीय मदन लाल अग्रवाल भी लगभग 50 वर्ष पूर्व इसी विद्यालय में शारीरिक शिक्षक के पद पर कार्यरत रहे थे। विद्यालय से अपने और अपने पिता के पुराने जुड़ाव को देखकर डॉ. ज्योति भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालय में पढ़कर भी विद्यार्थी बड़े सपने पूरे कर सकते हैं और उनका स्वयं का जीवन इसका सुंदर उदाहरण है।

विद्यालय परिवार की ओर से प्राध्यापक राखी आर्य ने डॉ. ज्योति का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। इस अवसर पर उपप्रधानाचार्य बाबूलाल सालवी, एसडीएमसी सचिव जगदीश चंद्र शर्मा, रेखा जीनगर, चंचल विश्नोई, नीलम शर्मा, राजू, मीना, भैरुलाल जीनगर, मुकेश वैष्णव, मीरा सैनी, पूजा शर्मा, नलिना चौड़िया तथा कार्यालय स्टाफ बालकृष्ण आमेटा, रौनक मेवाड़ा एवं कुलदीप सिंह सोलंकी सहित अन्य स्टाफ साथियों ने उनके विद्यालय आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

डॉ. ज्योति अग्रवाल ने विद्यालय के प्रति अपने आत्मीय जुड़ाव को व्यक्त करते हुए कहा, “भविष्य में जब भी विद्यालय आऊँगी, बच्चों के लिए कुछ अच्छा करने का प्रयास जरूर करूँगी।” उन्होंने विद्यालय की प्रगति के लिए प्रधानाचार्य श्री प्रकाश चंद्र प्रजापत एवं समस्त विद्यालय परिवार को शुभकामनाएँ दीं।

डॉ. ज्योति अग्रवाल का यह आगमन विद्यालय से उनके और उनके पिता के पुराने संबंधों को फिर से जीवंत कर गया। पाँच दशक बाद अपने पुराने विद्यालय में लौटना इस बात का भावपूर्ण प्रमाण रहा कि शिक्षा के दौरान जुड़ी स्मृतियाँ वर्षों बाद भी मनुष्य को अपनी ओर खींच लाती हैं।

Tags: