NH-58 पर एलिवेटेड पुल निर्माण के लिए सांसद महिमा कुमारी ने नितिन गडकरी को लिखा पत्र

ग्राम पंचायत पसुन्द के दो ब्लैक स्पॉट पर ओवरब्रिज की मांग तेज, सरपंच अयन जोशी की रिपोर्ट पर सांसद ने केंद्रीय मंत्री से की त्वरित अनुशंसा।

Update: 2026-07-02 10:52 GMT

तस्वीर में बाईं ओर सोफे पर बैठे ग्राम पंचायत पसुन्द के सरपंच अयन जोशी और दाईं ओर बैठीं सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ एक कमरे में आपस में चर्चा करते हुए नजर आ रहे हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर स्थित ग्राम पसुन्द के दो दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर एलिवेटेड पुल (ओवरब्रिज) निर्माण की मांग को लेकर वर्षों से उठ रही आवाज अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। ग्राम पंचायत पसुन्द की पहल पर सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को अनुशंसा पत्र भेजकर दोनों स्थानों पर शीघ्र एलिवेटेड पुल निर्माण कराने का आग्रह किया है। इस पहल से क्षेत्रवासियों में लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की उम्मीद मजबूत हुई है।

ग्राम पंचायत पसुन्द के सरपंच अयन जोशी ने इस संबंध में विस्तृत तथ्यात्मक प्रतिवेदन तैयार कर सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ को सौंपा था। प्रतिवेदन में राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर स्थित ग्राम के मुख्य प्रवेश मार्ग तथा तासोल रोड क्रॉसिंग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए दोनों स्थानों को अत्यंत संवेदनशील ब्लैक स्पॉट बताया गया। पंचायत ने प्रतिवेदन में कहा कि इन स्थानों पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

प्रतिवेदन का संज्ञान लेते हुए सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने मामले को जनहित और सड़क सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय मानते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को अनुशंसा पत्र भेजा। उन्होंने पत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-58 के दोनों ब्लैक स्पॉट पर एलिवेटेड पुल निर्माण को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है।

प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम के अधिकांश किसानों की कृषि भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग के दूसरी ओर स्थित है। ऐसे में किसानों को प्रतिदिन ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और पशुओं के साथ हाईवे पार करना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। इसके अलावा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ग्राम पंचायत कार्यालय, अटल सेवा केंद्र, कृषि विभाग सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय भी राष्ट्रीय राजमार्ग के दूसरी ओर स्थित हैं। यहां प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांगजन और ग्रामीण आवागमन करते हैं, लेकिन सुरक्षित क्रॉसिंग व्यवस्था नहीं होने से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।

पसुन्द क्षेत्र राजस्थान के प्रमुख मार्बल औद्योगिक क्षेत्रों में भी शामिल है। यहां लगभग 140 मार्बल फैक्ट्रियां, प्रोसेसिंग यूनिट और गोदाम संचालित हैं। प्रतिदिन हजारों श्रमिक, व्यापारी, ग्राहक और भारी वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में एलिवेटेड पुल का निर्माण होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने के साथ-साथ औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी सुरक्षित तथा सुगम गति मिल सकेगी।

सांसद स्तर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री को भेजे गए अनुशंसा पत्र के बाद अब क्षेत्रवासियों की निगाहें दोनों ब्लैक स्पॉट पर एलिवेटेड पुल निर्माण की स्वीकृति पर टिक गई हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इससे सड़क सुरक्षा मजबूत होने के साथ किसानों, विद्यार्थियों, ग्रामीणों, उद्योगों और हजारों दैनिक यात्रियों को लंबे समय से चली आ रही गंभीर समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

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