ज्ञानशाला दिवस पर नन्हे ज्ञानार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जीता श्रद्धालुओं का मन
आमेट में ज्ञानशाला दिवस पर बच्चों ने नाटक, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से प्रतिभा दिखाई, ऐतिहासिक प्रसंग ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
तस्वीर में आमेट के ज्ञानशाला दिवस पर सफेद पोशाक पहने बच्चे और वयस्क।
आमेट में तेरापंथ सभा भवन में ज्ञानशाला परिवार की ओर से ज्ञानशाला दिवस कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रशिक्षिका सज्जन मेहता, कोमल भंडारी एवं आशा डूंगरवाल द्वारा मंगलाचरण की सुंदर प्रस्तुति से हुआ।
ज्ञानशाला के नन्हे-नन्हे ज्ञानार्थियों ने ज्ञान, संस्कार एवं संस्कृति से ओत-प्रोत विविध प्रस्तुतियां देकर उपस्थितजनों का मन मोह लिया। बच्चों ने नाटक, एक्शन, गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विशेष रूप से लाडनूं में विराजित आचार्य श्री महाश्रमण जी द्वारा योगक्षेम दिवस के अवसर पर मुख्य मुनि महावीर कुमार जी को युवाचार्य पद की घोषणा किए जाने के ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण प्रसंग को नन्हे ज्ञानार्थियों ने सुंदर एवं मनमोहक नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया। बच्चों ने भावपूर्ण अदाकारी एवं प्रभावी संवादों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण प्रसंग को जीवंत कर दिया। प्रस्तुति देखकर उपस्थित श्रद्धालुओं ने बच्चों की प्रतिभा एवं तैयारी की खूब सराहना की।
बच्चों ने ‘एआई बनाम आचार्य इंटेलिजेंस’ नाटक भी प्रस्तुत किया। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में धार्मिक एवं नैतिक संस्कारों के साथ आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं सांस्कृतिक चेतना का विकास करना रहा।
इस अवसर पर तेरापंथ सभा अध्यक्ष यशवंत कुमार चोरड़िया, निवर्तमान अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मेहता, महासभा सदस्य प्रवीण ओस्तवाल, तेयूप अध्यक्ष विपुल पितलिया, मंत्री हेमंत भंडारी, मुख्य अतिथि मेवाड़ अंचल संयोजक सुनील मुणोत, क्षेत्रीय प्रभारी विजय रांका, मेवाड़ प्रभारी पवन कच्छारा एवं प्राची कोठारी उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता यशवंत कुमार चोरडिया, सुनील मुणोत, विजय रांका एवं पवन कच्छारा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ज्ञानशाला बच्चों को केवल धार्मिक शिक्षा ही नहीं देती, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सामाजिक चेतना का निर्माण करती है। नन्हे ज्ञानार्थियों की प्रस्तुतियां देखकर उन्होंने कहा कि इन बच्चों में छिपी प्रतिभा को उचित मंच एवं प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है। आज के ये संस्कारित बच्चे ही समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। उन्होंने ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं के समर्पण एवं परिश्रम की सराहना करते हुए बच्चों को निरंतर आगे बढ़ने एवं अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में दिया भंडारी, हितार्थ गांधी, गर्वित गेलड़ा, दिव्या बाफना, काव्या श्रीश्रीमाल, हितांश धोखा, दर्शील बाफना, रियांश दक, विवान गांधी, विदित पितलिया, अनन्य खमेसरा, वंशिका भंडारी, साक्षी भंडारी, सिया भंडारी, हीर भंडारी, शौर्य भंडारी, विहा भंडारी, कुणीश श्रीश्रीमाल, वंश रांका एवं जीविका कोठारी सहित सभी ज्ञानार्थियों ने सुंदर प्रस्तुतियां दीं।
तेरापंथ सभा द्वारा ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। ज्ञानशाला परिवार की ओर से अतिथियों का उपरणा एवं साहित्य द्वारा सम्मान किया गया।
आयोजन को सफल बनाने में ज्ञानशाला परिवार की प्रशिक्षिका मनीषा छाजेड़, सज्जन मेहता, आशा डूंगरवाल, कोमल भंडारी एवं विशेष सहयोगी कन्या मंडल सहसंयोजिका शैली मेहता का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन एवं आभार व्यक्त प्रशिक्षिका सज्जन मेहता ने किया। कार्यक्रम की जानकारी प्रतिनिधि पवन कच्छारा ने दी।