केलवा: राजकीय विद्यालय में रतन जल मंदिर का हुआ लोकार्पण, विधायक दीप्ति रहीं मौजूद
भामाशाह रतनलाल पारीक के सहयोग से बने जल मंदिर से विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा। विधायक ने छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
तस्वीर में केलवा स्कूल परिसर में सजाए गए शिलालेख के सामने लोग खड़े हैं।
केलवा में मंगलवार को श्रीमती फूली देवी अंशुल बोहरा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में रतन जल मंदिर का लोकार्पण संतों के सानिध्य में हुआ। रामस्नेही संप्रदाय के संत निर्मलराम महाराज के सानिध्य में आयोजित समारोह में विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने विद्यालय के खेल प्रांगण में नवनिर्मित रतन जल मंदिर का लोकार्पण किया। समारोह में विद्यालय परिवार, ग्रामीण, भामाशाह एवं समाजसेवी मौजूद रहे।
प्रधानाचार्य राजकुमार लक्षकार ने बताया कि भामाशाह रतनलाल पारीक सुनित पारीक की ओर से विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विद्यालय के खेल प्रांगण में रतन जल मंदिर का निर्माण करवाया गया है। जल मंदिर के निर्माण से विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने विद्यालय के विकास में भामाशाहों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए आभार जताया।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने जल मंदिर के निर्माण के लिए भामाशाह का आभार जताया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल का अत्यधिक उपयोग विद्यार्थियों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। विद्यार्थियों को मोबाइल का कम से कम उपयोग करते हुए अपनी पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें तथा अपने कौशल का विकास करें। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग कर भविष्य निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
रामस्नेही संप्रदाय के संत निर्माण राम महाराज ने विद्यार्थियों को संस्कारों का महत्व बताते हुए कहा कि बच्चों को अपने माता-पिता और बड़ों का सदैव सम्मान करना चाहिए। जीवन में अच्छे संस्कारों को अपनाकर आदर्श स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी विद्यार्थी के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अच्छे संस्कारों से व्यक्ति समाज में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
कार्यक्रम में राजेश गौराना ने कहा कि भामाशाह विद्यालयों के लिए अमूल्य धरोहर हैं। भामाशाहों के सहयोग से विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया सहयोग समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी साबित होता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों एवं भामाशाहों का स्वागत किया गया। रतन जल मंदिर के निर्माण में सहयोग के लिए भामाशाहों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समारोह में भामाशाह तनसुख नरेंद्र बोहरा, समाजसेवी करणवीर सिंह राठौड़, महेंद्र कोठारी अपेक्स, हमेर सिंह बल्ला, भरत पालीवाल, भमु बना, परीक्षित बना, महेंद्र कोठारी विकास, अवध बिहारी पारीक, कैलाश पारीक, सत्यनारायण पारीक, ओम प्रकाश पारीक, चंद्रप्रकाश पारीक, सूरज पारीक, रमेश पारीक, शंभू लाल पारीक, सुरेश कुमार, मोहित भारती, नानालाल सिंधल, हेमराज सिदल, अनिल कोठारी, कुशाल बोहरा, मुकेश कोठारी, सुभाष कोठारी, आनंद जोशी, सानिध्य, राजेश सांवरिया, लालूराम, कमलेश पालीवाल, भोलीराम सिंधल, पुष्पकांत भंडारी, नारायण लाल तेली, पुनीत सोनी, हिम्मत सिंह, लीना पालीवाल, बसंता जीनगर, थानाधिकारी सुबोध कुमार जांगिड़, पंचायत प्रशासक सुमन साहू सहित विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अखिल नागदा ने किया।