आमेट में सेफ ड्राइविंग कार्यशाला: मोबाइल के दुरुपयोग से सड़क हादसों के खतरे पर किया जागरूक
आमेट के आगरिया गांव में महावीर इंटरनेशनल के 52वें स्थापना दिवस पर सेफ ड्राइविंग कार्यशाला में युवाओं को मोबाइल, हेलमेट और सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
तस्वीर में महावीर इंटरनेशनल मैत्री वीरा आमेट के बैनर के सामने पीले रंग की साड़ी पहने महिलाएं और पुरुष खड़े हैं, जिनके आगे दो मोटरसाइकिलें खड़ी हैं।
आमेट में महावीर इंटरनेशनल के 52वें स्थापना दिवस के अवसर पर मैत्री वीरा आमेट केंद्र की ओर से आगरिया गांव में सेफ ड्राइविंग एवं मोबाइल अवेयरनेस कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विशेष रूप से नवयुवकों और नवयुवतियों को वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि वाहन चलाते समय मोबाइल पर ध्यान देने से सड़क दुर्घटनाओं और जान जाने तक का खतरा बढ़ जाता है।
कार्यशाला में बताया गया कि यदि किसी कारणवश वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करना आवश्यक हो तो पहले वाहन को सुरक्षित स्थान पर साइड में रोककर ही मोबाइल का इस्तेमाल करना चाहिए। यदि गूगल मैप का उपयोग करना पड़े तो वाहन में मोबाइल के लिए उचित स्टैंड लगा होना चाहिए तथा वाहन स्टार्ट करने से पहले ही मोबाइल में लोकेशन सेट कर लेनी चाहिए, ताकि वाहन चलाते समय चालक का ध्यान सड़क से न भटके। साथ ही सभी से सड़क सुरक्षा नियमों का पूरी तत्परता से पालन करने की अपील की गई।
प्रतिभागियों को जानकारी दी गई कि 2 से 16 जुलाई 2026 तक विशेष हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत कमी लाना है। इस दौरान प्रदेश भर में बिना हेलमेट वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग तथा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। हेलमेट, सीट बेल्ट और निर्धारित स्पीड लिमिट का पालन व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बताया गया।
मैत्री वीरा की ओर से स्कूलों में भी सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी बच्चों को प्रभावी तरीके से दी जा सकती है, ताकि उनमें कम उम्र से ही सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित हो सके।
मैत्री वीरा की बहनों ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान में अपनी सहभागिता निभाते हुए बच्चों को प्रेरित किया कि घर से स्कूटी, बाइक या कार लेकर निकलते समय मोबाइल का उपयोग न्यूनतम करें तथा इयर फोन या इयर पोर्ट का इस्तेमाल न करें। उन्होंने बताया कि कानों में इयर फोन लगे होने पर आगे-पीछे से आने वाले वाहनों का हॉर्न सुनाई नहीं देता और चालक का ध्यान भी भटक जाता है, जिससे बड़ी दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं से सड़क सुरक्षा नियमों का अधिक से अधिक पालन करने तथा अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखने का आह्वान किया गया। उन्हें बताया गया कि वे देश की भावी युवा पीढ़ी हैं और यदि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करेंगे तथा प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक अन्य व्यक्ति को सड़क सुरक्षा की जानकारी और नियमों के प्रति जागरूक करेगा, तो जागरूकता की यह श्रृंखला लगातार मजबूत होती जाएगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में मैत्री वीरा की सभी सदस्यों का पूर्ण सहयोग रहा।