1501वें जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर कपासन दरगाह शरीफ में पहला अजीमुश्शान जलसा 26 अगस्त को
कपासन की दरगाह शरीफ में 26 अगस्त को 1501वें जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर पहला अजीमुश्शान जलसा होगा। नामचीन उलेमा-ए-किराम और नातख्वां शामिल होंगे, वहीं 5 जोन में मकान सजावट प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान होगा।
तस्वीर में कपासन स्थित हजरत दीवाना शाह साहब की दरगाह शरीफ का रात के समय का दृश्य दिखाई दे रहा है, जिसे जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर आकर्षक रोशनी से सजाया गया है।
कपासन में 1501वें जश्ने ईद मिलादुन्नबी (स.अ.व.) के मुबारक मौके पर 26 अगस्त को प्रख्यात सूफी संत हजरत दीवाना शाह साहब (र.अ.) की दरगाह शरीफ में बाद नमाज-ए-ईशा पहला अजीमुश्शान जलसा आयोजित किया जाएगा। जलसे को लेकर दरगाह शरीफ को आकर्षक और रूहानी रोशनी से सजाया गया है।
दरगाह वक्फ कमेटी के सचिव हाजी शराफत हुसैन भाटी ने बताया कि जलसे में मुल्क के नामचीन उलेमा और नातख्वां शिरकत करेंगे। नागपुर से मौलाना फारूक रिजवी, बरेली शरीफ से मौलाना मुफ्ती हजरत अब्दुल रहमान कादरी तथा उदयपुर से मशहूर नातख्वां गुलाम मोईनुद्दीन रजवी कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान ओलमा-ए-किराम के बयानात होंगे और नातख्वां नबी की शान में नात पेश करेंगे।
दरगाह वक्फ कमेटी के सदर सैयद ऐजाज अली ने बताया कि ईद मिलादुन्नबी के मौके पर इस साल दरगाह वक्फ कमेटी की ओर से ‘बेहतरीन मकान सजावट प्रतियोगिता’ आयोजित की जा रही है। इसके लिए पूरे नगर को 5 जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में सबसे बेहतरीन सजावट वाले मकानों को 26 अगस्त को जलसे के दौरान प्रथम और द्वितीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा और हौसला अफजाई की जाएगी।
दरगाह परिसर में की गई विशेष सजावट जलसे के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है। कार्यक्रम की सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने में दरगाह वक्फ कमेटी के सरपरस्त सैयद मुकर्रम अली, नायब सदर कुदरत हुसैन, मंसूर अहमद ओटवाल, सहसचिव मेहबूब शाह, कोषाध्यक्ष सैयद इरफान अली बुखारी, सदस्य हाजी साबिर हुसैन पुंवार, सलीम तुर्किया, अकरम मंसूरी, अख्तर हुसैन, इकबाल हुसैन खान, अब्दुल रशीद तुर्कीया, नफीस शैख और कल्लु खान जोर-शोर से जुटे हुए हैं।
26 अगस्त को होने वाला यह पहला अजीमुश्शान जलसा 1501वें जश्ने ईद मिलादुन्नबी के आयोजन की प्रमुख कड़ी होगा, जबकि दरगाह परिसर की विशेष सजावट और नगर में आयोजित मकान सजावट प्रतियोगिता भी कार्यक्रम का अहम हिस्सा रहेगी।