राजसमंद में साकेत साहित्य संस्थान की काव्य गोष्ठी, कवियों ने गुरु महिमा को किया समर्पित
राजसमंद में साकेत साहित्य संस्थान की काव्य गोष्ठी में कवियों ने गुरु पूर्णिमा पर गुरु महिमा से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
राजसमंद में आयोजित काव्य गोष्ठी के दौरान साकेत साहित्य संस्थान के बैनर के सामने खड़े साहित्यकार और सदस्य।
साकेत साहित्य संस्थान, राजसमंद की मासिक काव्य गोष्ठी 28 जुलाई 2026 को सूचना केंद्र, राजसमंद में आयोजित हुई। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व को समर्पित इस साहित्यिक आयोजन में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से गुरु के महत्व और महिमा का भावपूर्ण बखान किया।
गोष्ठी का आयोजन सायं 4:30 बजे संस्था की जिलाध्यक्ष वीणा वैष्णव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मनोहर लाल श्रीमाली उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था अध्यक्ष वीणा वैष्णव द्वारा प्रस्तुत सुमधुर सरस्वती वंदना से हुई।
संस्थान के महासचिव कमल अग्रवाल ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर को ध्यान में रखते हुए अधिकांश कवियों ने अपनी रचनाओं में गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और उनके मार्गदर्शन के महत्व को अभिव्यक्त किया।
काव्य गोष्ठी में उपाध्यक्ष नारायण सिंह राव ने "स्वागत करो समापन का, जैसे किया उद्घाटन का" रचना प्रस्तुत की। बख्तावर सिंह चुण्डावत 'प्रीतम' ने "आजा मारा कृष्ण कन्हैया, याद सतावे रे", लक्ष्मी नारायण पालीवाल 'सुन्दरचा' ने पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा जी आचार्य पर कविता, प्रेमलता चौरड़िया ने गुरु महिमा, साहित्य प्रमुख कुसुम अग्रवाल ने "गुरुवर हमको ज्ञान दीजिए, विद्या का वरदान दीजिए" तथा गोष्ठी सह प्रभारी डॉ. सम्पत लाल रेगर ने "गुरु आशीष मुझे मिल जाए" रचना प्रस्तुत की।
इस अवसर पर डॉ. देवकी नंदन नंदवाना ने गुरु पूर्णिमा पर गुरु के महत्व पर विचार रखते हुए कविता "सुरक्षित सब कुछ हल्का है" प्रस्तुत की। प्रेमशंकर पालीवाल ने गुरु महिमा और उनके प्रति समर्पित गीत सुनाया। डॉ. मनोहर श्रीमाली ने "नित रोज गुरुदेव का ध्यान धरूं हूँ", अध्यक्ष वीणा वैष्णव ने "तिमिर पुंज की इस नगरी में", गोष्ठी प्रभारी चंद्रशेखर शर्मा ने "या देखो हल्दीघाटी है राणा रे" और महासचिव कमल अग्रवाल ने "जिस देश की स्कूलों की छत टपकती हो" जैसी भावपूर्ण रचनाएं प्रस्तुत कीं।
उपाध्यक्ष नारायण सिंह राव ने बताया कि कार्यक्रम में संस्था के महासचिव कमल अग्रवाल, सहसचिव कुमार दिनेश सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनों ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए साहित्य और समाज में गुरु के योगदान को स्मरण किया।
पूरे कार्यक्रम की जानकारी संस्थान मीडिया प्रभारी अन्नू राठौड़ "रुद्रांजली" ने दी। अंत में संस्था अध्यक्ष वीणा वैष्णव ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।