पुणे महापालिका में 45 सहायक अतिक्रमण निरीक्षकों की फिर होगी भर्ती, तीन साल पहले हटाए गए कर्मचारियों को मौका
पुणे में सीमा विस्तार के बाद बढ़ते अतिक्रमण से निपटने के लिए महानगरपालिका ने हटाए गए कर्मचारियों को मानदेय पर दोबारा रखने का प्रस्ताव तैयार किया है।
पुणे महानगरपालिका भवन, जहां अतिक्रमण निर्मूलन विभाग के लिए 45 सहायक अतिक्रमण निरीक्षकों की एकमुश्त मानदेय पर नियुक्ति प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
पुणे। पुणे महानगरपालिका के अतिक्रमण निर्मूलन विभाग में कर्मचारियों की कमी का हवाला देकर 45 सहायक अतिक्रमण निरीक्षकों की एकमुश्त मानदेय पर नियुक्ति की जा रही है। खास बात यह है कि इन पदों पर उन कर्मचारियों को दोबारा काम पर लेने की तैयारी है, जिन्हें तीन साल पहले काम से हटा दिया गया था। इस भर्ती प्रक्रिया के बीच नियमित पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को दरकिनार किए जाने का मुद्दा भी सामने आया है।
पुणे महानगरपालिका की सीमा में 32 गांवों को शामिल किए जाने के बाद शहर का क्षेत्रफल बढ़कर 484 वर्ग किलोमीटर हो गया है। विस्तारित सीमा के कारण शामिल किए गए गांवों में सड़कों पर अतिक्रमण, अनधिकृत स्टॉल और अस्थायी दुकानों की संख्या में बड़े पैमाने पर वृद्धि हुई है। इससे लोगों को सड़कों पर पैदल चलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। शाम के समय कई इलाकों में अतिक्रमण के कारण यातायात जाम की स्थिति भी बन रही है।
शहर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महानगरपालिका ने वर्ष 2022 में 100 सहायक अतिक्रमण निरीक्षकों की भर्ती की थी। उस समय महानगरपालिका में एकमुश्त मानदेय पर काम करने वाले 45 सहायक अतिक्रमण निरीक्षकों को सेवा से हटा दिया गया था। अब उन्हीं कर्मचारियों को दोबारा नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने से यह मामला चर्चा में है।
इस भर्ती के लिए स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने भी सिफारिश की है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
इन 45 कर्मचारियों को दोबारा नियुक्त करने से पहले उन्हें स्थायी सेवा में शामिल करने का प्रयास भी किया गया था। पुणे महानगरपालिका में भर्ती के दौरान पिछले दरवाजे से किसी को सेवा में शामिल नहीं किया जाता, लेकिन इन कर्मचारियों को काम से हटाए जाने के समय एक बार के विशेष मामले के रूप में उन्हें महानगरपालिका की स्थायी सेवा में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया था।
इस प्रस्ताव पर नगर विकास विभाग ने महानगरपालिका से अभिमत मांगा था। उस समय तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त पृथ्वीराज बी. पी. ने स्पष्ट किया था कि इस तरह पिछले दरवाजे से किसी को सेवा में शामिल करना न्यायोचित नहीं होगा। इसके बाद अब एक बार फिर इन कर्मचारियों को नियुक्त करने के प्रयास शुरू हो गए हैं।
एकमुश्त मानदेय पर कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक सूचना जारी कर आवेदन आमंत्रित करना आवश्यक है। इसके बाद प्राप्त आवेदनों की जांच कर पात्र और अपात्र उम्मीदवारों की सूची घोषित की जाती है। ऐसे कर्मचारियों को सामान्यतः छह महीने की अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है। भर्ती से संबंधित नियम और शर्तें समावेशी होनी चाहिए तथा उनमें ऐसी कोई शर्त नहीं रखी जानी चाहिए, जिससे केवल कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ मिले।
अतिक्रमण निर्मूलन विभाग के उपायुक्त सोमनाथ बनकर ने बताया कि शहर की सीमा बढ़ने के कारण पर्याप्त मनुष्यबल उपलब्ध कराने के लिए 45 सहायक अतिक्रमण निरीक्षकों की एकमुश्त मानदेय पर नियुक्ति का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया है।
वहीं, संबंधित फाइल पर आगे की कार्रवाई को लेकर एक अधिकारी ने कहा कि फाइल उनके पास आई है, लेकिन अभी उसका अवलोकन नहीं किया गया है। फाइल की जांच करने के बाद आगे की जानकारी दी जाएगी। ऐसे में 45 सहायक अतिक्रमण निरीक्षकों की नियुक्ति पर अंतिम निर्णय और भर्ती की आगे की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।