तस्वीर में प्रतापगढ़ के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बनेड़िया कला के नवनिर्मित प्रवेश द्वार के सामने खड़े शिक्षक और ग्रामीण नजर आ रहे हैं।

प्रतापगढ़ जिले में शिक्षक दिवस पर शिक्षा और गुरु-शिष्य परंपरा को सम्मान देने वाले दो प्रेरणादायी आयोजन हुए। बनेड़िया कला में शिक्षक प्रकाश चंद्र मीणा ने विद्यालय के प्रवेश द्वार का निर्माण करवाकर अपनी कर्मस्थली के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया, वहीं उठेल के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों और अभिभावकों ने शिक्षकों का सम्मान कर उनके योगदान के प्रति आभार जताया।

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बनेड़िया कला में शिक्षक एवं अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अरनोद खंड अध्यक्ष प्रकाश चंद्र मीणा ने शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के प्रवेश द्वार का निर्माण करवाया। यह कार्य उन्होंने स्वर्गीय मुरली मीणा की स्मृति में कराया। कार्यक्रम मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चौथमल मीणा की अध्यक्षता में हुआ। संभाग संयुक्त मंत्री गोपाल लाल मीणा मुख्य अतिथि रहे। जिला अध्यक्ष लालूराम मीणा, जिला मंत्री अरविंद कुमार शर्मा सहित महासंघ के विभिन्न खंडों के पदाधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।

प्रकाश चंद्र मीणा ने कहा कि जन्मस्थली पर कार्य तो सभी करते हैं, लेकिन कर्मस्थली पर भी कुछ करने का प्रयास होना चाहिए। विद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना की। पदाधिकारियों ने शिक्षक का सम्मान कर उनकी पहल को अन्य लोगों के लिए प्रेरणादायी बताया। कार्यक्रम का संचालन संजय कुमार मेहता ने किया।

इसी क्रम में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय उठेल में भी शिक्षक दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। विद्यार्थियों और अभिभावकों ने शिक्षकों का सम्मान कर शिक्षा, संस्कार और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनके योगदान के लिए आभार जताया।

व्याख्याता कल्पेश गुर्जर ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण का मार्गदर्शक होता है। भामाशाह एवं सहायक प्रशासनिक अधिकारी नंदलाल मीणा ने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। सामाजिक कार्यकर्ता एवं एडवोकेट रमेश निनामा ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को जागरूक नागरिक बनाने के साथ समाज और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शिक्षकों के प्रति अपने भाव व्यक्त किए। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। संचालन वरिष्ठ अध्यापक रामेश्वर कुमावत ने किया।

शिक्षक दिवस पर बनेड़िया कला और उठेल में हुए दोनों आयोजनों ने गुरु-शिष्य संबंध, शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी और शिक्षकों के सम्मान का संदेश दिया। एक ओर शिक्षक ने अपनी कर्मस्थली के लिए पहल की, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों और अभिभावकों ने शिक्षकों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।

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