धरियावद: सुखली नदी में गिरी श्रद्धालुओं की बोलेरो, बाल-बाल बचे 10 लोग
साँवलिया जी के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं का वाहन वाकली पुलिया के पास अनियंत्रित हुआ, ग्रामीणों और जेसीबी की मदद से कार निकाली गई बाहर।
तस्वीर में सड़क किनारे खड़ी सफेद कार को रस्सी और जेसीबी से खींचते लोग दिख रहे हैं।
धरियावद। 5 सितम्बर को धरियावद-उदयपुर-बांसी मार्ग पर वाकली पुलिया के समीप शनिवार तड़के बड़ा हादसा होते-होते टल गया। श्री साँवलिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो अनियंत्रित होकर पुलिया से सीधे नीचे सुखली नदी में जा गिरी। गनीमत रही कि बोलेरो में सवार सभी 10 यात्री समय रहते वाहन से बाहर निकल आए और कोई हताहत नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार, मुंगाना के समीप कुंडी गांव निवासी श्रद्धालु श्री साँवलिया जी के दर्शन कर अपने गांव लौट रहे थे। शनिवार तड़के करीब 4 बजे वाकली पुलिया के पास घुमावदार मोड़ पर चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद बोलेरो पुलिया से नीचे सुखली नदी में जा गिरी। हादसा होते ही बोलेरो में सवार यात्रियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही थानाधिकारी हजारीलाल मीणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। हादसे में बोलेरो नदी के पानी में पूरी तरह डूब गई थी। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से जेसीबी बुलवाई और रस्सियों के सहारे कड़ी मशक्कत के बाद वाहन को नदी से बाहर निकाला।
धरियावाद-बांसी मार्ग पर स्थित वाकली पुलिया का घुमावदार मोड़ पूर्व में भी कई दर्दनाक हादसों का गवाह बन चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, यह क्षेत्र अत्यधिक दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) है। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से वाकली पुलिया के दोनों किनारों पर मजबूत सुरक्षा पिलर और क्रैश बैरियर लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।