छोटीसादड़ी के वार्ड नंबर 2 में एक माह से आधी से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें बंद, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से बढ़ी परेशानी
छोटीसादड़ी के वार्ड नंबर 2 में पिछले एक माह से स्ट्रीट लाइटें बंद रहने और पनघट योजना की पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोग परेशान हैं।
छोटीसादड़ी के वार्ड नंबर 2 में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी को लेकर स्थानीय निवासियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए जल्द समाधान की मांग की है।
छोटीसादड़ी के वार्ड नंबर 2 में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से स्थानीय निवासियों की परेशानी बढ़ गई है। वार्ड में पिछले एक माह से आधे से अधिक स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय गलियों में अंधेरा रहता है। वहीं, पनघट योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त होने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगरपालिका प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
वार्ड में स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद होने के कारण रात के समय लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। अंधेरी गलियों से गुजरने वाले राहगीरों और स्थानीय निवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वार्डवासियों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या से नगरपालिका प्रशासन को कई बार अवगत कराया, लेकिन अब तक बंद लाइटों को दुरुस्त नहीं किया गया है। ऐसे में लोगों को राहत मिलने का इंतजार है।
स्ट्रीट लाइटों के साथ वार्ड में पनघट योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइनें भी क्षतिग्रस्त हैं। सरकारी योजना के तहत विकसित की गई सुविधाओं का समुचित रखरखाव नहीं होने से उनकी उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पाइपलाइनों की मरम्मत और बंद स्ट्रीट लाइटों को चालू करने की जरूरत के बावजूद समस्याएं बनी हुई हैं। नगरपालिका प्रशासन को जानकारी देने के बाद भी सुधार नहीं होने से स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ रही है।
चुनाव के बाद शहर के वार्डों में विकास और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की उम्मीदों के बीच वार्ड नंबर 2 की स्थिति अलग तस्वीर पेश कर रही है। एक ओर वार्डवासी रात के समय रोशनी के अभाव से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की समस्या भी बनी हुई है। ऐसे में वार्डों में विकास कार्यों और सुविधाओं के रखरखाव की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
अब नगरपालिका प्रशासन के सामने वार्ड नंबर 2 की समस्याओं का समाधान करने की चुनौती है। बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू करवाने और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत से ही स्थानीय निवासियों को राहत मिल सकती है। फिलहाल, बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्याएं दूर नहीं होने से वार्डवासियों को इंतजार करना पड़ रहा है।