छोटीसादड़ी: भाजपा छोड़ कांग्रेस में गए नेता के मकान पर PWD कार्रवाई से हड़कंप
दिनेश माली का आरोप- दल बदलने पर राजनीतिक रंजिश में की जा रही कार्रवाई, आचार संहिता उल्लंघन की निर्वाचन आयोग से शिकायत।
छोटीसादड़ी के साटोला गांव में मकान पर कार्रवाई के विरोध में हाथ उठाकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
छोटीसादड़ी तहसील क्षेत्र के साटोला गांव में बुधवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए कार्यकर्ता दिनेश माली के मकान पर लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्रवाई की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। जेसीबी पहुंचने की सूचना के बाद देखते ही देखते करीब 400 से अधिक ग्रामीण एकत्र हो गए।
दिनेश माली के परिवार ने आरोप लगाया कि 2 अक्टूबर को भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता लेने के पांच दिन बाद ही उनके मकान को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी। परिवार का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव के चलते की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, PWD की ओर से दिनेश माली को मकान के बाहर रोड़ी-गिट्टी पड़ी होने से सड़क पर दुर्घटना की आशंका का हवाला देते हुए नोटिस दिया गया था। माली का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद उन्होंने निर्माण सामग्री मौके से हटाकर जगह साफ कर दी थी। इसके बावजूद मकान पर कार्रवाई की तैयारी किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का दावा है कि मकान मुख्य सड़क से 10 फीट से अधिक दूरी पर स्थित है। ऐसे में मकान को तोड़ने की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क पर निर्माण सामग्री हटाने का नोटिस दिया गया था और सामग्री हटाई जा चुकी है तो उसके बाद मकान तोड़ने की कार्रवाई क्यों की जा रही है।
मौके पर जुटे ग्रामीणों ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मकान नियम विरुद्ध था तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल बदलने के बाद अचानक मकान पर कार्रवाई शुरू होना संदेह पैदा करता है। हालांकि, प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की ओर से कार्रवाई के पीछे राजनीतिक दबाव होने की पुष्टि नहीं की गई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
मामले को लेकर राज्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान को पत्र भेजकर शिकायत की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चुनावी आचार संहिता के दौरान राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की जा रही है। शिकायतकर्ता ने जिला कलेक्टर, छोटीसादड़ी एसडीएम, पुलिस और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। शिकायत की प्रतियां जिला प्रशासन एवं पुलिस के उच्च अधिकारियों को भी भेजे जाने की बात कही गई है।
फिलहाल मकान के आसपास बड़ी संख्या में ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जबरन तोड़फोड़ की कार्रवाई की तो उसका विरोध किया जाएगा। बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से मौके पर कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी सतर्क नजर आया।
अब मामला इस बात पर टिका है कि PWD की प्रस्तावित कार्रवाई किस नियम और आदेश के तहत की जा रही है और क्या मकान वास्तव में सड़क सीमा या किसी अन्य सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।