तस्वीर में छोटीसादड़ी में वन भूमि पर कार्रवाई के दौरान ढहाया गया मकान और बिखरा हुआ मलबा दिखाई दे रहा है।

छोटीसादड़ी में रेंजर प्रतापसिंह चुण्डावत हत्याकांड के आरोपियों के कथित अवैध ठिकानों और अतिक्रमण पर बुधवार को पुलिस एवं वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की। सरकारी, वन एवं अन्य भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण हटाए गए। कई स्थानों पर बनाए गए कच्चे-पक्के निर्माण ध्वस्त किए गए। कार्रवाई के दौरान अवैध बिजली कनेक्शन भी काटा गया।

जिला पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ विशाल जांगिड़ के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयदेव सियाग एवं वृत्ताधिकारी छोटीसादड़ी रामेश्वरलाल के मार्गदर्शन तथा थानाधिकारी कैलाशचन्द्र के नेतृत्व में पुलिस एवं वन विभाग की टीम ने चिन्हित स्थानों पर कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार 21 सितंबर की रात वनखंड सुक्कड़-मोहनपुरा तलाई क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना पर रेंजर प्रतापसिंह चुण्डावत टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। वहां जेसीबी, ट्रैक्टर और डंपर से हो रहे कथित अवैध खनन को रुकवाया गया। इसी दौरान विवाद और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस के मुताबिक मिट्टी से भरा डंपर मौके से भाग गया। रेंजर ने उसका पीछा किया और घाटी वाले बालाजी मंदिर रोड पर डंपर को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान डंपर चालक द्वारा रेंजर पर डंपर चढ़ा दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

मामले में पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी कन्हैयालाल उर्फ कान्हा बावरी सहित अवैध खनन से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रकाश धाकड़, हरिश धाकड़, विक्रम मोग्या, दिनेश मोग्या और नारायण मीणा शामिल हैं।

जांच के दौरान आरोपियों की संपत्तियों और कथित अतिक्रमण की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद 30 सितंबर को वन विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने चिन्हित स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दिनेश मोग्या द्वारा बेनामी एवं सरकारी भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण को हटाया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।

प्रकरण में फरार आरोपी लालू मोग्या द्वारा वन भूमि पर कथित रूप से अतिक्रमण कर कच्चा मकान बनाए जाने की जानकारी पुलिस ने दी। कार्रवाई के दौरान कच्चे मकान को ध्वस्त कर दिया गया। साथ ही अवैध तरीके से लिया गया विद्युत कनेक्शन भी काट दिया गया।

कार्रवाई के दौरान जेसीबी व ट्रैक्टर मालिक प्रकाश धाकड़ और विक्रम धाकड़ के कब्जे वाली भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण को भी हटाया गया। पुलिस-वन विभाग की टीम ने मौके पर अतिक्रमण चिन्हित कर कार्रवाई की।

मुख्य आरोपी कन्हैयालाल उर्फ कान्हा के आबादी क्षेत्र में बेनामी भूमि पर कथित रूप से किए गए अतिक्रमण पर भी बुलडोजर चलाया गया। पुलिस के अनुसार अतिक्रमण कर बनाए गए मकान को ध्वस्त कर दिया गया।

रेंजर प्रतापसिंह चुण्डावत की मौत के बाद पुलिस की कार्रवाई आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ उनके कथित अवैध कब्जों और ठिकानों तक पहुंच गई है। अवैध खनन से जुड़े आरोपियों की संपत्तियों और अतिक्रमण की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस एवं वन विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की है। सरकारी और वन भूमि पर कब्जे से जुड़े मामलों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात सामने आई है।

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