सोनिया गांधी के बयान पर BJP का पलटवार, तरुण चुघ बोले- इटैलियन चश्मा उतारकर देखें भारत की प्रगति
कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए भाजपा ने सोनिया गांधी की आगामी आत्मकथा में 1984 के दंगों और भोपाल गैस त्रासदी जैसे मुद्दों पर जवाब मांगा।
तस्वीर में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और भाजपा सांसद तरुण चुघ राजनीतिक बयानबाजी के दौरान दिख रहे हैं।
नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बयान ने सियासी टकराव को और तेज कर दिया है। उनके आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार करते हुए उन्हें देश की विकास यात्रा देखने की नसीहत दी है। भाजपा ने सोनिया गांधी को 'इटैलियन चश्मा' उतारकर भारत की तरक्की देखने की सलाह देने के साथ उनकी आगामी आत्मकथा को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं।
भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपना 'इटैलियन चश्मा' उतारकर भारत की प्रगति देखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर उन्हें देश में हो रहे विकास कार्यों और बदलती अर्थव्यवस्था की वास्तविक तस्वीर दिखाई देगी।
तरुण चुघ ने भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी विकास दर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश 'सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास' के मंत्र के साथ वैश्विक शक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। भाजपा का कहना है कि देश की विकास यात्रा और आर्थिक प्रगति सरकार के कामकाज को दर्शाती है।
इस दौरान भाजपा ने कांग्रेस पर जाति, धर्म और वोट बैंक की राजनीति के जरिए समाज को बांटने का आरोप भी लगाया। पार्टी की ओर से कहा गया कि कांग्रेस को केंद्र सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास और पूर्ववर्ती शासनकाल के दौरान सामने आए विवादों पर भी जवाब देना चाहिए।
सोनिया गांधी की आगामी आत्मकथा 'Belonging: A Journey of Love' भी भाजपा के निशाने पर रही। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या इस पुस्तक में कांग्रेस शासनकाल के दौरान सामने आए कथित घोटालों, 1984 के सिख विरोधी दंगों और भोपाल गैस त्रासदी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का उल्लेख किया जाएगा। भाजपा ने आत्मकथा को लेकर सवाल उठाकर कांग्रेस के पूर्ववर्ती शासनकाल से जुड़े विवादों को भी राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
सोनिया गांधी के बयान के बाद शुरू हुई यह राजनीतिक बयानबाजी अब भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुकी है। एक ओर कांग्रेस केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए सरकार की उपलब्धियां और देश की आर्थिक प्रगति सामने रख रही है।