संगरूर में राहुल गांधी का बड़ा हमला: क्या मूसेवाला की हत्या और सुरक्षा का मुद्दा बनेगा पंजाब चुनाव का सबसे बड़ा दांव?
संगरूर की इंसाफ रैली में राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को मंच पर अपने साथ खड़ा कर मानसा सीट से चुनावी उतरने की चर्चाएं तेज कर दी हैं।
संगरूर की इंसाफ रैली में मंच पर राहुल गांधी के साथ नजर आ रहे सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह सिद्धू (बाएं)।
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राज्य का राजनीतिक पारा तेजी से चढ़ने लगा है। राज्य में नशा और गैंगस्टरों का मुद्दा एक बार फिर राजनीति के केंद्र में आ गया है। इसी बीच, बठिंडा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली मानसा विधानसभा सीट को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। संगरूर में आयोजित कांग्रेस की 'इंसाफ रैली' के दौरान पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला (शुभदीप सिंह सिद्धू) को याद किया और उनके पिता बलकौर सिंह सिद्धू को मंच पर अपने साथ खड़ा किया। इस वाकये के बाद से ही मानसा सीट और पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई है।
संगरूर की 'इंसाफ रैली' में राहुल गांधी का संबोधन
संगरूर में आयोजित इंसाफ रैली के दौरान राहुल गांधी ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने भाषण में सिद्धू मूसेवाला से जुड़ी अपनी पहली मुलाकात की यादों को साझा किया। राहुल गांधी ने बताया कि जब सिद्धू मूसेवाला पहली बार कांग्रेस में शामिल होने के लिए उनके दिल्ली स्थित दफ्तर पहुंचे थे, तब वह उनसे व्यक्तिगत रूप से परिचित नहीं थे और न ही उन्होंने उनके गाने सुने थे।
हालांकि, पहली ही बातचीत में उन्हें मूसेवाला बेहद ऊर्जावान, प्रभावशाली और प्रतिभावान नजर आए। राहुल गांधी ने कहा कि जब मूसेवाला ने राजनीति में कदम रखा, तो उनके मन में विचार आया था कि वह एक चुनौतीपूर्ण और खतरनाक क्षेत्र में आ रहे हैं। वह उन्हें राजनीतिक रूप से एक संरक्षण देना चाहते थे। बाद में जब उन्होंने सिद्धू का मशहूर गाना '295' सुना, तब उन्हें समझ आया कि उनके संगीत में पंजाब की जमीनी आवाज और गहराई छिपी हुई थी।
सुरक्षा हटाने और हत्या को लेकर सरकार पर हमला
रैली में राहुल गांधी ने राज्य सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिनदहाड़े पूरे देश के सामने सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा हटाई गई और उसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। मई 2022 में हुई इस हत्या में AK-47 जैसे हथियारों का इस्तेमाल हुआ था, जिसमें गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई का नाम सामने आया था।
राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह के शब्दों को याद करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि माता-पिता के जाने का दुख तो बड़ा होता ही है, लेकिन दुनिया में उस पिता से बड़ा दर्द किसी का नहीं हो सकता जिसे अपने जवान बेटे का शव देखना पड़े। उन्होंने कहा कि जिस सोच और डर के माहौल ने मूसेवाला की जान ली, वही सोच आज पंजाब के कई हिस्सों में युवाओं को डरा रही है।
मानसा सीट का चुनावी इतिहास और आंकड़े
मानसा विधानसभा सीट का इतिहास बताता है कि यहां किसी एक दल का स्थाई वर्चस्व नहीं रहा है। 2012 के चुनावों में यहां शिरोमणि अकाली दल ने जीत दर्ज की थी, जबकि उससे पहले यह सीट कांग्रेस के पास थी। 2017 से इस सीट पर आम आदमी पार्टी का कब्जा है।
2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की लहर के दौरान सिद्धू मूसेवाला कांग्रेस के टिकट पर मानसा से मैदान में उतरे थे। इस चुनाव में आप उम्मीदवार डॉ. विजय सिंगला ने उन्हें भारी अंतर से हराया था।
- विजय सिंगला (आप): 1,00,023 वोट
- सिद्धू मूसेवाला (कांग्रेस): 36,700 वोट
- हार का अंतर: 63,323 वोट
मानसा सीट पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
संगरूर रैली में जिस तरह से सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को राहुल गांधी ने विशेष तवज्जो दी और मंच साझा किया, उससे मानसा सीट पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। 2022 के चुनाव में बड़े अंतर से हारने के बावजूद, मूसेवाला की हत्या के बाद से उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं और न्याय की मांग पंजाब का एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। पांच साल बाद, जब राज्य में राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं, मानसा सीट एक बार फिर राज्य की सबसे चर्चित सीटों में से एक बनकर उभर रही है।