तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय और नवजात बच्चों को दी जाने वाली सोने की अंगूठी के संदर्भ में कार्यक्रम की जानकारी दर्शाई गई है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता थलपति विजय यूके के अपने पहले विदेश दौरे से लौटने के बाद राज्य के लोगों के लिए दो बड़ी कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत करने जा रहे हैं। इसमें बच्चों से जुड़ी 'गोल्ड रिंग स्कीम' और 'कामराज ब्रेकफास्ट योजना' शामिल हैं। इन योजनाओं के जरिए राज्य सरकार जनहित और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।

मुख्यमंत्री थलपति विजय लंदन से लौटने के तुरंत बाद टीवीके की बहुप्रतीक्षित 'थाईमामन गोल्ड रिंग स्कीम' की शुरुआत करेंगे। नवजात बच्चों के जन्म पर सोने की अंगूठी देने की यह योजना मूल रूप से 15 सितंबर को शुरू होनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री के यूके दौरे के चलते इसकी लॉन्चिंग की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया था। अब इस योजना की शुरुआत 25 सितंबर को मदुरै जिले के उसिलामपट्टी से की जाएगी। हालांकि मुख्यमंत्री फिलहाल लंदन में हैं, लेकिन राज्य सरकार इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी तैयारियों में जुटी हुई है।

मदुरै जिले के उसिलामपट्टी को इस योजना के उद्घाटन के लिए चुने जाने के पीछे एक खास सांस्कृतिक वजह है। दक्षिणी जिले के लोगों के पारंपरिक कल्चर और पारिवारिक रिश्तों (सोशल बॉन्ड) को ध्यान में रखते हुए इस जगह का चयन किया गया है। स्थानीय तौर पर इन इलाकों में मामा के रिश्तों की अहमियत को सेलिब्रेट करने के लिए एक खास रिवाज माना जाता है, जिसमें मामा द्वारा अपनी बड़ी या छोटी बहन की बेटियों की पढ़ाई-लिखाई का जिम्मा उठाने जैसी सांस्कृतिक परंपराएं शामिल हैं। परिवार के इन गहरे रिश्तों और सांस्कृतिक विशेषताओं को सम्मान देने के लिए ही इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट की शुरुआत उसिलामपट्टी से तय की गई है।

इस 'थाईमामन थंगा मोथिरम' यानी गोल्ड रिंग स्कीम के तहत तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में 22 जून 2026 के बाद जन्म लेने वाले नवजात बच्चों को 1 ग्राम (22 कैरेट) की हॉलमार्क वाली सोने की अंगूठी उपहार स्वरूप दी जाएगी। इस योजना के पहले चरण के लिए कुल 1,28,499 सोने की अंगूठियां तैयार कराई जा रही हैं। इन अंगूठियों को बनाने का ठेका तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन द्वारा दो प्रमुख ज्वेलरी रिटेल चेन—जॉयलुकास और कल्याण ज्वेलर्स—को दिया गया है। पहले बैच की इन अंगूठियों की अनुमानित लागत लगभग 220 करोड़ रुपये है, जबकि पूरे साल के लिए इस योजना का कुल बजट 755.83 करोड़ रुपये तय किया गया है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री विजय इस योजना से ठीक दो दिन पहले यानी 22 सितंबर को 'कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम' को भी लॉन्च करेंगे। सरकार द्वारा जारी बयानों के अनुसार, इन सभी योजनाओं का मूल उद्देश्य और प्राथमिकता मां और बच्चे के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना तथा राज्य में सामाजिक कल्याण के दायरे को और अधिक मजबूत करना है।