ब्यावर में BRICS Sustainable Lifestyle Week के तहत महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
ब्यावर के राजकीय अमृत कौर चिकित्सालय में BRICS Sustainable Lifestyle Week के तहत महिलाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की पहल पर योग, व्यायाम, जल संरक्षण, पौधारोपण और प्लास्टिक से बचाव का संदेश दिया गया।
ब्यावर के राजकीय अमृत कौर चिकित्सालय में महिला अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित 'BRICS सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक' कार्यक्रम में स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेती महिलाएं।
ब्यावर, 5 नवम्बर। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से गुरुवार को ब्यावर के राजकीय अमृत कौर चिकित्सालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला अधिकारिता विभाग के निर्देशानुसार BRICS Sustainable Lifestyle Week के तहत पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को योग, व्यायाम और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा योग एवं व्यायाम को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही जल, बिजली और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई। महिलाओं को बताया गया कि प्राकृतिक संसाधन प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और इनका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इन संसाधनों का सीधा संबंध आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से है। जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 'जल है तो कल है' का संदेश भी दिया गया।
इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक पौधारोपण करने और प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की अपील की गई। महिलाओं को बताया गया कि पेड़-पौधे पर्यावरण को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जबकि प्लास्टिक का उपयोग मानव जीवन, पशुओं और पर्यावरण के लिए हानिकारक है।
कार्यक्रम में महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक जगदीश चौधरी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि BRICS Sustainable Lifestyle Week के तहत जिला एवं ब्लॉक स्तर पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य बालिकाओं एवं महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम के माध्यम से 'प्रकृति की रक्षा, जीवन की सुरक्षा' का संदेश दिया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया गया, ताकि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर महिलाओं एवं बालिकाओं में जागरूकता बढ़ाई जा सके।