मालेगांव मनपा आयुक्त समेत तीन गिरफ्तार, बिल मंजूरी के लिए मांगी थी 80 हजार की रिश्वत
विकास कार्यों के बिल पास करने के एवज में 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप, एसीबी ने की कार्रवाई।
मालेगांव महानगरपालिका आयुक्त रवींद्र जाधव रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों के साथ जाते हुए।
महाराष्ट्र के मालेगांव में महानगरपालिका प्रशासन में रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (भ्रष्टाचार निरोधक विभाग) ने मालेगांव महानगरपालिका के आयुक्त रवींद्र जाधव समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विकास कार्यों के बिल मंजूर कराने के बदले संबंधित लोगों से 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
गिरफ्तार किए गए लोगों में महानगरपालिका आयुक्त रवींद्र जाधव, उनके निजी सहायक निलेश पाटील और अकाउंटेंट हरीश डीम्बर शामिल हैं। तीनों पर आरोप है कि विभिन्न कार्यों के बिल मंजूर करने के लिए कुल बिल राशि का 4 प्रतिशत कमीशन बतौर रिश्वत मांगा गया था।
मिली जानकारी के अनुसार, जलापूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत और गांव में किए गए अन्य कार्यों से संबंधित 8 लाख 66 हजार रुपये और 9 लाख 82 हजार रुपये के बिलों को मंजूरी देने के लिए 80 हजार रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने कुल बिल राशि का 4 प्रतिशत रिश्वत के रूप में मांगा था।
इस मामले में 9 जुलाई 2026 को लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए महानगरपालिका आयुक्त रवींद्र जाधव, उनके निजी सहायक निलेश पाटील और अकाउंटेंट हरीश डीम्बर को गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, इस मामले में रिश्वत की रकम वास्तव में स्वीकार नहीं की गई थी। रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है और लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग की ओर से आगे की जांच की जा रही है।
इसके अलावा, संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों समेत अन्य ठिकानों पर तलाशी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। महानगरपालिका आयुक्त समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी और रिश्वत मांगने के आरोपों से मालेगांव महानगरपालिका प्रशासन में खलबली मच गई है।