त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ: ध्वजारोहण से पहले विकास कार्यों में तेजी के निर्देश
आयुक्त शेखर सिंह ने 31 अक्टूबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह से पहले कुशावर्त तीर्थ परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों का जायजा लेते अधिकारी।
महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभमेले के ध्वजारोहण समारोह को लेकर कुशावर्त तीर्थ परिसर में विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। 31 अक्टूबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह से पहले सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरे करने के लिए अतिरिक्त जनशक्ति लगाने, परिसर का सौंदर्यीकरण करने और मंडप व बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं दुरुस्त रखने को कहा गया है। कुंभमेले के प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने स्थल निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को ये निर्देश दिए।
ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयुक्त शेखर सिंह ने कुशावर्त तीर्थ और उसके आसपास के क्षेत्र के साथ प्रस्तावित हेलीपैड स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे कार्यों की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विधायक हिरामण खोसकर, त्र्यंबक नगर परिषद की नगराध्यक्ष त्रिवेणी तुंगार, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद, सिंहस्थ कुंभमेले के प्राधिकरण के अतिरिक्त आयुक्त कमलाकर रणदिवे, उपनगराध्यक्ष पल्लवी शिरसाठ, अपर पुलिस अधीक्षक विमला एस., लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता देवेंद्र पवार, महावितरण के अधीक्षण अभियंता अनिल थोरात, तहसीलदार गणेश जाधव, त्र्यंबक नगर परिषद के मुख्याधिकारी गोविंद जाधव, सिंहस्थ कुंभमेले के प्राधिकरण के मुख्याधिकारी अमोल चौधरी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश पवार, लोक निर्माण विद्युत विभाग के कार्यकारी अभियंता निलेश बिऱ्हाडे, महावितरण के कार्यकारी अभियंता जगदीश जाधव और पुरातत्व विभाग के सहायक निदेशक अमोल गोटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कुशावर्त तीर्थ परिसर में चल रहे विकास कार्यों और समारोह के लिए जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आयुक्त शेखर सिंह ने स्पष्ट किया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। जिन कार्यों में अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता है, वहां अतिरिक्त जनशक्ति उपलब्ध कराई जाए। परिसर के सौंदर्यीकरण और साफ-सफाई, मंडप निर्माण, बैठने की व्यवस्था तथा कार्यक्रम से जुड़ी अन्य सभी सुविधाओं की सूक्ष्म योजना बनाकर उन्हें समय पर पूरा किया जाए।
उन्होंने ध्वजारोहण समारोह में आने वाले महत्वपूर्ण व्यक्तियों, गणमान्य अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुविधाओं की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। कार्यों के क्रियान्वयन में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने भी समारोह से पहले शेष कार्यों को पूरा करने के लिए उपलब्ध समय को देखते हुए काम में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित कार्यों के लिए दिनवार कार्ययोजना तैयार करने और उसके अनुसार प्रतिदिन हुई प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता देकर निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। प्रत्येक विभाग अपने जिम्मे के कार्यों की योजना तैयार करे और उनके क्रियान्वयन की निगरानी करे। काम के दौरान कोई बाधा आने पर तत्काल उपाय किए जाएं, ताकि ध्वजारोहण समारोह से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी क्षमता के साथ संचालित हो सकें।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों में चल रहे कार्यों, उनकी मौजूदा स्थिति और उन्हें पूरा करने में लगने वाले समय की जानकारी दी। 31 अक्टूबर को होने वाले सिंहस्थ कुंभमेले के ध्वजारोहण समारोह से पहले कुशावर्त तीर्थ परिसर और प्रस्तावित हेलीपैड स्थल पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करना प्रशासन की प्राथमिकता है।