तस्वीर में दक्षिण मुंबई के महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल कालबादेवी स्थित आचार्य तुलसी सभागृह में आयोजित विकास महोत्सव के दौरान साध्वी वृंद, फाउंडेशन के पदाधिकारी और गणमान्य लोग नजर आ रहे हैं.   

विकास महोत्सव के आयोजन से दक्षिण मुंबई का महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल कालबादेवी श्रद्धा और स्मरण के भाव से जुड़ गया। यहां शासनश्री साध्वी कंचनप्रभा, शासनश्री साध्वी मंजुरेखा आदि ठाणा-5 के पावन सान्निध्य में विकास महोत्सव का कार्यक्रम आयोजित हुआ। साध्वी वृंद ने मंगलाचरण प्रस्तुत करते हुए आचार्य श्री तुलसी के चरणों में कृतज्ञता ज्ञापित की।

शासनश्री साध्वी कंचनप्रभा ने कहा कि आचार्यश्री तुलसी विकास के पर्याय थे। उन्होंने जो कार्य किया, वह प्रासंगिक है। बदलते मूल्यों के बीच मानवीय मूल्यों को प्रतिष्ठित करने के लिए उन्होंने अणुव्रत आंदोलन का सूत्रपात किया। उन्होंने बताया कि अणुव्रत को स्वीकार करने वालों में देश के राष्ट्रपति राजेंद्र बाबू भी थे।

शासनश्री साध्वी मंजुरेखा ने कहा कि आचार्यश्री महाप्रज्ञजी द्वारा उद्घोषित विकास महोत्सव पूरे विश्व में मनाया गया। आचार्य तुलसी के अवदानों के लिए राष्ट्र के हर व्यक्ति ने उनके चरणों में भाव-विभोर होकर कृतज्ञता के साथ उन्हें याद किया।

कार्यक्रम में आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के कार्याध्यक्ष गणपत डागलिया, दक्षिण मुंबई सभा के उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़ और तेयुप दक्षिण मुंबई के निवर्तमान अध्यक्ष नीतेश धाकड़ ने सुमधुर गीत प्रस्तुत किया। लतिका डागलिया, मीनादेवी सुराणा, अणुव्रत समिति दक्षिण मुंबई संयोजक नरेंद्र मुनोत, उपासक रणजीत कोठारी, सुभाष चपलोत और मनोज झाबक आदि ने श्रद्धा-सिक्त भाव रखे।

कार्यक्रम में फाउंडेशन मंत्री लक्ष्मीलाल डागलिया, सुखलाल सिंयाल और उत्सव धाकड़ की उपस्थिति रही। साध्वी उदितप्रभा, साध्वी निर्भयप्रभा तथा साध्वी चेलनाश्री ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की जानकारी तेयुप दक्षिण मुंबई उपाध्यक्ष दर्शन डागलिया ने दी।

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