वर्सोवा-मढ ब्रिज का रास्ता साफ, 1.5 घंटे का सफर अब 10 मिनट में होगा पूरा
मुंबई के वर्सोवा-मढ केबल-स्टेड ब्रिज का रास्ता साफ हो गया है। 2,395 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 2.06 किलोमीटर लंबे पुल के लिए बीएमसी ने सर्वे शुरू किया है। जानिए कैसे 1.5 घंटे का सफर 10 मिनट में पूरा होगा।
मुंबई में वर्सोवा और मढ के बीच प्रस्तावित केबल-स्टेड ब्रिज का डिजाइन प्रारूप।
मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में यातायात की समस्या से जूझ रहे नागरिकों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बहुप्रतीक्षित वर्सोवा-मढ केबल-स्टेड ब्रिज के निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने परियोजना की जमीन का जमीनी आकलन और प्राथमिक सर्वे शुरू कर दिया है। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा 1,237 मैंग्रोव पेड़ों की कटाई को मंजूरी दिए जाने के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम तेज हो गया है।
2,395 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 2.06 किलोमीटर लंबा यह आधुनिक केबल-स्टेड पुल अंधेरी के वर्सोवा और मढ द्वीप के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा। इसे पश्चिमी उपनगरों में यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
वर्तमान में वर्सोवा और मढ के बीच मालाड खाड़ी होने के कारण कोई सीधा रास्ता नहीं है। ऐसे में नागरिकों को लोखंडवाला, ओशिवारा, लिंक रोड या मार्वे रोड से होकर 18 से 20 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। पीक आवर्स के दौरान भारी ट्रैफिक के कारण इस दूरी को तय करने में 1 से 1.5 घंटे का समय लग जाता है।
ब्रिज के निर्माण के बाद यह सफर महज 5 से 10 मिनट में पूरा हो सकेगा। इससे यात्रियों के समय और ईंधन की बचत होगी। साथ ही पश्चिमी उपनगरों की सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
यह पुल मढ जेटी रोड से शुरू होकर वर्सोवा में फिशरीज यूनिवर्सिटी रोड के पास उतरेगा। इससे आईएनएस हमला, मार्वे, मालाड और कांदिवली जाने वाले यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, ब्रिज की एक शाखा को डहाणूकरवाड़ी और दहीसर-भायंदर कोस्टल रोड से जोड़ा जाएगा। इससे मुंबई कोस्टल रोड तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।
परियोजना के तहत 600 मीटर का हिस्सा केबल-स्टेड डिजाइन पर आधारित होगा। इस डिजाइन का उद्देश्य खाड़ी के पर्यावरण और मैंग्रोव पर कम से कम असर डालना है। बॉम्बे हाई कोर्ट से 1,237 मैंग्रोव पेड़ों की कटाई को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता खुला है।
वर्सोवा-मढ ब्रिज का खाका सबसे पहले 1967 के विकास प्रारूप में तैयार किया गया था। इसके बाद 2020 में इसकी अंतिम योजना बनी। अब बीएमसी प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 31 मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
ब्रिज के निर्माण से वर्सोवा और मढ के बीच सीधा संपर्क स्थापित होने के साथ पश्चिमी उपनगरों में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी। लंबी दूरी और ट्रैफिक में लगने वाले समय में कमी आने से नागरिकों को राहत मिलेगी और मुंबई के इस हिस्से में सड़क यातायात पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।