महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा पर FDA सख्त, कारोबारी ही नहीं लापरवाह अधिकारी भी होंगे दंडित
महाराष्ट्र में FDA प्रमुख तुकाराम मुंढे ने खाद्य सुरक्षा को लेकर लगभग 15 अनुपालन आदेश जारी किए हैं। अब खाद्य नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के साथ उन्हें लागू कराने में विफल अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के प्रमुख तुकाराम मुंढे, जिन्होंने राज्य में खाद्य सुरक्षा मानकों के सुदृढ़ीकरण के लिए 15 अनुपालन आदेश जारी किए हैं।
महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के पालन को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सख्ती बढ़ा दी है। अब नियमों की अनदेखी करने वाले खाद्य कारोबारियों के साथ-साथ उन्हें लागू कराने में लापरवाही बरतने वाले विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। FDA प्रमुख तुकाराम मुंढे ने राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगभग 15 अनुपालन आदेश जारी किए हैं।
30 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, FDA ने पूरे महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को सुदृढ़ करने के लिए अपने अभियान और प्रशासनिक प्रयास तेज कर दिए हैं। विभाग की इस प्रमुख प्रणालीगत पहल के तहत अलग-अलग खाद्य क्षेत्रों के लिए लगभग 15 अनुपालन आदेश जारी किए गए हैं।
तुकाराम मुंढे के अनुसार, इस पहल का प्रमुख उद्देश्य खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs), आम नागरिकों और FDA अधिकारियों के बीच खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों को लेकर स्पष्टता, सरलता और व्यापक जागरूकता सुनिश्चित करना है। इन आदेशों के माध्यम से खाद्य कारोबार से जुड़े सभी पक्षों को यह समझाने का प्रयास किया गया है कि उन पर कौन से नियम और कानून लागू होते हैं तथा कारोबार के संचालन के दौरान किन मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
नियमों के उल्लंघन की गुंजाइश कम करने पर जोर
FDA प्रमुख ने बताया कि कई बार नियमों की पर्याप्त जानकारी और स्पष्टता नहीं होने के कारण उनका उल्लंघन होता है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने प्रत्येक खाद्य क्षेत्र के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी खाद्य कारोबारी को नियमों की जानकारी के अभाव में अनजाने में उनका उल्लंघन न करना पड़े।
तुकाराम मुंढे ने कहा कि FDA के माध्यम से महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को तेज किया गया है। विभिन्न खाद्य क्षेत्रों के लिए अनुपालन आदेश जारी करना विभाग की प्रमुख प्रणालीगत पहलों में शामिल है। उन्होंने बताया कि ऐसे लगभग 15 आदेश जारी किए जा चुके हैं।
कारोबारियों के साथ FDA अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही
इन आदेशों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि नियमों के पालन की जिम्मेदारी केवल खाद्य कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगी। तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया कि यदि खाद्य व्यवसाय संचालक निर्धारित मानकों और नियमों का पालन करने में विफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई और दंडात्मक परिणाम होंगे।
वहीं, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकेंगे। यदि विभाग के अधिकारी राज्य में निर्धारित नियमों को लागू कराने या उनके प्रभावी क्रियान्वयन में असफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ भी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इस तरह FDA ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में कारोबारियों और विभागीय अधिकारियों, दोनों की जिम्मेदारी स्पष्ट कर दी है।
आम नागरिकों के अधिकारों और जागरूकता पर भी जोर
तुकाराम मुंढे ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में आम नागरिकों की जागरूकता को भी आवश्यक बताया। अनुपालन आदेशों के माध्यम से उपभोक्ताओं को यह जानने और समझने का अवसर मिलेगा कि बाजार में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की शुद्धता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए कौन से मानक निर्धारित किए गए हैं।
FDA की इस पहल के तहत खाद्य कारोबारियों को अपने दायित्वों और अधिकारियों को नियमों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारियों की स्पष्ट जानकारी देने पर जोर दिया गया है। विभाग का उद्देश्य नागरिकों की जागरूकता, कारोबारियों के नियमों के पालन और अधिकारियों की जवाबदेही के माध्यम से पूरे महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा की मजबूत और भरोसेमंद व्यवस्था तैयार करना है।