वसई में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 58 वर्षीय आरोपी को 20 साल की सजा, 1 लाख जुर्माना
वसई के अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने नवंबर 2020 के पॉक्सो मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 साल की कैद और 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
वसई में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के छह साल पुराने मामले में पीड़िता को न्याय मिला है। मीरा भाईंदर वसई विरार पुलिस आयुक्तालय के डिविजन-2 के अंतर्गत वसई गांव पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में न्यायालय ने 58 वर्षीय आरोपी लॉरेंस जॉन राजू मट्टा को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वसई न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए. एच. काशीकर ने 04 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर यह फैसला सुनाया।
मामले की शुरुआत नवंबर 2020 में हुई थी, जब एक सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों ने वसई गांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। संगठन के प्रतिनिधियों ने एक नाबालिग लड़की को खराब हालत में देखा था। पूछताछ के दौरान लड़की ने एक व्यक्ति द्वारा अपने साथ दुष्कर्म किए जाने की बात बताई। पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट से उसके साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने लॉरेंस जॉन राजू मट्टा के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
मामला दर्ज होने के बाद वसई गांव पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मेडिकल निष्कर्षों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपराध से संबंधित कानूनी प्रावधानों को शामिल करते हुए आरोपपत्र दाखिल किया।
जांच के तहत पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई और आवश्यक चिकित्सकीय साक्ष्य जुटाए गए। फोरेंसिक जांच के लिए जरूरी नमूने और अन्य साक्ष्य संबंधित प्रयोगशाला में भेजे गए। पीड़िता को काउंसलिंग और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित संगठन की मदद भी ली गई।
पुलिस ने जांच के दौरान पीड़िता के बयान, मेडिकल साक्ष्य, पड़ोस में रहने वाले लोगों की गवाही, चिकित्सा अधिकारियों के बयान और काउंसलिंग से जुड़े गवाहों की गवाही सहित उपलब्ध साक्ष्य एकत्र किए। न्यायालय में सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से प्रस्तुत मेडिकल और अन्य साक्ष्य, पीड़िता का बयान तथा गवाहों की गवाही महत्वपूर्ण रहे।
वसई के अतिरिक्त सत्र न्यायालय में चली सुनवाई के बाद न्यायाधीश ए. एच. काशीकर ने 04 अक्टूबर 2026 को आरोपी को दोषी ठहराया। न्यायालय के अनुसार, टेंसी को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी, ग्रीनकोर्ट, वसई पश्चिम निवासी 58 वर्षीय लॉरेंस जॉन राजू मट्टा को नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में 20 साल के कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। नवंबर 2020 में दर्ज हुए इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया के बाद आया फैसला पीड़िता को छह साल बाद मिला न्याय है।