मुंबई में पूर्वी एक्सप्रेसवे और SCLR के पुलों की मरम्मत का खर्च बढ़कर 48 करोड़ रुपये पहुंचा
मुंबई के पूर्वी द्रुतगती मार्ग और सांताक्रूझ-चेंबूर लिंक रोड के फ्लाईओवरों व पुलों की मरम्मत का खर्च 31.74 करोड़ से बढ़कर 48.03 करोड़ रुपये हो गया है। जानें, 14 साल पुराने पुलों की मरम्मत में देरी और बढ़ती लागत के पीछे क्या प्रमुख बदलाव रहे।
मुंबई के पूर्वी द्रुतगती मार्ग और सांताक्रूझ-चेंबूर लिंक रोड (एससीएलआर) पर स्थित फ्लाईओवर और पुलों की मरम्मत एवं मजबूतीकरण का खर्च बढ़कर 48 करोड़ 3 लाख रुपये हो गया है। स्वामी नारायण फ्लाईओवर और एससीएलआर के तीन महत्वपूर्ण पुलों से जुड़े इन कार्यों का मूल बजट 31 करोड़ 74 लाख रुपये था। तकनीकी बदलावों, संरचनात्मक सुधारों और बेअरिंग बदलने की प्रक्रिया में हुए फेरबदल के कारण लागत में वृद्धि हुई है। अब इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए आगामी स्थायी समिति की बैठक में पेश किया जाएगा।
एससीएलआर मार्ग पर बने पुलों की उम्र महज 14 साल होने के बावजूद उनकी मरम्मत और मजबूतीकरण की जरूरत सामने आई है। इससे महानगरपालिका और विकास प्राधिकरण के सामने इन संरचनाओं के रखरखाव का मुद्दा उठ खड़ा हुआ है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने सांताक्रूझ-चेंबूर लिंक रोड का निर्माण कराया था। इस मार्ग को वर्ष 2012 में जनता के लिए खोला गया और अप्रैल 2015 में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को सौंप दिया गया था।
एससीएलआर की लंबाई 6.45 किलोमीटर है। इस मार्ग पर सीएसएमटी रोड फ्लाईओवर, कुर्ला-कलिना फ्लाईओवर और टिळकनगर के दोहरे फ्लाईओवर के अलावा अमर महल जंक्शन को जोड़ने वाला पुल भी शामिल है। इन पुलों की संरचनात्मक स्थिति का आकलन करने के लिए आईआईटी मुंबई से जांच कराई गई थी। इसकी रिपोर्ट मार्च 2023 में सौंपी गई थी।
रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी प्रशासनिक और प्रक्रियागत देरी के कारण मरम्मत कार्य समय पर आगे नहीं बढ़ सका। इस दौरान परियोजना की लागत में लगातार वृद्धि हुई। मार्च 2025 में इन कार्यों का खर्च लगभग 31 करोड़ 74 लाख रुपये निर्धारित किया गया था, जो अब बढ़कर 48 करोड़ 3 लाख रुपये हो गया है। इस तरह मरम्मत और मजबूतीकरण के प्रस्तावित खर्च में 16 करोड़ 29 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
अब पूरे प्रस्ताव को आगामी स्थायी समिति की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इन प्रमुख मार्गों पर पुलों और फ्लाईओवरों की मरम्मत तथा मजबूतीकरण के काम को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकेगा। इन कार्यों का उद्देश्य मुंबई के व्यस्त मार्गों पर यातायात को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखना है।