मुंबई: डोंबिवली में अणुव्रत समिति ने मनाया अहिंसा एवं सौहार्द दिवस
साध्वी प्रतिज्ञा श्री और ब्रह्माकुमारी बहनों के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने शांति, भ्रातृत्व और मानवीय मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।
तस्वीर में दो जैन साध्वियां मंच पर बैठी हुई नजर आ रही हैं।
मुंबई। अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत अहिंसा एवं सांप्रदायिक सौहार्द दिवस का आयोजन अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के तत्वावधान में अणुव्रत समिति, मुंबई क्षेत्र डोंबिवली द्वारा साधना सदन श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ मेवाड़ डोंबिवली में किया गया। कार्यक्रम साध्वी प्रतिज्ञा श्री एवं साध्वी प्राप्तिश्री के सानिध्य में तथा आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय, ब्रह्माकुमारी की बहनों की उपस्थिति में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण से हुई। इसके बाद अणुव्रत समिति के सदस्यों ने अणुव्रत गीत प्रस्तुत किया। अणुव्रत समिति क्षेत्र डोंबिवली की संयोजिका रीना कोठारी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का स्वागत किया।
साध्वीश्री ने अपने संबोधन में “अहिंसा परमो धर्मः” के संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने भगवान महावीर के संदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी मनुष्य एक ही परम सत्ता की संतान हैं। धर्म और संप्रदाय भले ही अलग-अलग हों, लेकिन सभी का उद्देश्य एक ही है और मंजिल भी एक ही है।
मुख्य वक्ता तेरापंथ डोंबिवली महिला मंडल की अध्यक्ष सुधा सियाल ने कहा कि मां बच्चे की प्रथम गुरु होती है और परिवार में संस्कार एवं मानवीय मूल्यों की नींव रखने में महिला शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सद्भाव रखने का संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक धर्म की मान्यताएं और श्रद्धा अलग हो सकती हैं, लेकिन मानवता का मूल भाव एक ही है। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से आपसी प्रेम, सद्भाव और अच्छे व्यवहार का महत्व समझाया।
ब्रह्माकुमारी बहनों ने भी अपने संबोधन में “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभिन्न धर्मों के मार्ग अलग हो सकते हैं, लेकिन उनका मूल उद्देश्य मानव कल्याण और सद्भाव की स्थापना है। उन्होंने धार्मिक शिक्षाओं के माध्यम से अहिंसा, प्रेम, भाईचारे और मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने अहिंसा, आपसी सद्भाव और सांप्रदायिक एकता को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में दिनेश श्रीश्रीमाल, नरेंद्र गुदेचा, मुकेश बडाला, विश्वदीप सोलंकी, संजय खाव्या, शिल्पा कोठारी, वैशाली सिंघवी सहित महिला मंडल की बहनों, सभा के सदस्यों तथा श्रीसंघ मंडल के भाई-बहनों की उपस्थिति रही। सहसंयोजिका सीमा इटोडिया ने आभार व्यक्त किया।