बीएमसी में सहायक आयुक्तों की अंदरूनी कलह उजागर, व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ने से बढ़ी नाराजगी
बीएमसी के नए बैच के सहायक आयुक्तों ने तबादलों के विरोध में व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ा, अंदरूनी कलह और बदनामी के आरोपों से बढ़ी नाराजगी।
तस्वीर में मुंबई स्थित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का मुख्य प्रशासनिक भवन नजर आ रहा है।
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में स्वच्छता और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने का बड़ा अभियान चल रहा है, लेकिन इसी बीच प्रशासनिक अधिकारियों के बीच अंदरूनी खींचतान सामने आई है। बीएमसी के नए बैच के कई सहायक आयुक्तों ने हाल ही में हुए तबादलों के विरोध में अधिकारियों के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से एक साथ एक्जिट ले लिया है।
इस आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में बीएमसी के मौजूदा और पूर्व सह आयुक्त, उपायुक्त तथा सहायक आयुक्त शामिल हैं। बड़ी संख्या में अधिकारियों के एक साथ ग्रुप छोड़ने से बीएमसी के प्रशासनिक गलियारे में गुटबाजी और असंतोष खुलकर सामने आया है। इस घटनाक्रम को लेकर अब बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े के हस्तक्षेप की मांग उठ रही है।
बताया जा रहा है कि अधिकारियों की नाराजगी केवल अचानक हुए ट्रांसफर आदेशों को लेकर नहीं है। नए बैच के सहायक आयुक्तों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। उनका कहना है कि वे महत्वपूर्ण पद पाने के लिए अनुचित दबाव बना रहे हैं, जैसी झूठी खबरें फैलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
इसी के विरोध में नए बैच के सहायक आयुक्तों ने एकजुट होकर आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से हटने का कदम उठाया है। इसके अलावा, मेंटेनेंस, अतिक्रमण और लाइसेंस विभाग के निचले अधिकारियों से भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े एक तरफ मुंबई को स्वच्छ और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं, वहीं अधिकारियों के बीच चल रही यह खींचतान विकास कार्यों में रुकावट बन सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी का सीधा असर बीएमसी के स्वच्छता और अतिक्रमण विरोधी अभियानों पर पड़ सकता है।
अब सभी की नजरें बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े पर हैं कि वे पुराने और नए बैच के अधिकारियों के बीच सामने आए इस मतभेद को दूर कर प्रशासनिक व्यवस्था को किस तरह पटरी पर लाती हैं।