डोंबिवली में अणुव्रत समिति ने मनाया 'अनुशासन दिवस', छात्रों को मिला मार्गदर्शन
एसजेएम स्कूल के 100 विद्यार्थियों ने शिक्षा व अनुशासन का संकल्प लिया; तेरापंथ धर्मसंघ के 'एक गुरु, एक विधान' सिद्धांत से जीवन सुव्यवस्थित करने की सीख मिली।
तस्वीर में डोंबिवली के स्कूल परिसर में शिक्षक और विद्यार्थी अणुव्रत कार्यक्रम के दौरान मौजूद हैं।
डोंबिवली में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत छठे दिवस ‘अनुशासन दिवस’ का आयोजन अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के तत्वावधान में अणुव्रत समिति, मुंबई क्षेत्र डोंबिवली द्वारा एसजेएम स्कूल के बी. वीर कैंपस में किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 10वीं के लगभग 100 विद्यार्थियों ने सहभागिता की और शिक्षा एवं अनुशासन संबंधी संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अणुव्रत समिति की बहनों द्वारा अणुव्रत गीत के सामूहिक गायन से हुआ। इसके बाद अणुव्रत समिति, क्षेत्र डोंबिवली की संयोजिका रीना कोठारी ने सभी का स्वागत किया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एवं ज्ञानशाला प्रशिक्षिका अनीता वनाकिया ने विद्यार्थियों को अनुशासन के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में अनुशासन आवश्यक है। विद्यालय में प्राचार्य एवं शिक्षक अनुशासन बनाए रखते हैं, ताकि विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय आएं और मन लगाकर अध्ययन करें।
उन्होंने विद्यार्थियों को तेरापंथ धर्मसंघ के सिद्धांत “एक गुरु और एक विधान” का उदाहरण देते हुए बताया कि पूरे संघ के एक गुरु हैं और हम उनके निर्देशों एवं पदचिह्नों पर चलते हैं। उन्होंने बताया कि आचार्य भिक्षु ने तेरापंथ धर्मसंघ की स्थापना की और अनुशासन को संघ की व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनाया।
अनीता वनाकिया ने दैनिक जीवन में अनुशासन के विभिन्न उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा कि परिवार में मुखिया के मार्गदर्शन एवं अनुशासन से घर सुव्यवस्थित रूप से चलता है। इसी प्रकार समय का मूल्य समझना, अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखना तथा प्रत्येक कार्य को समय पर करना भी अनुशासन का ही हिस्सा है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षा एवं अनुशासन संबंधी संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम में कक्षा 10वीं के लगभग 100 विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यालय के प्राचार्य संजय सर ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में विद्यालय के भानुशाली सर, प्रिया मैडम एवं शिक्षकगण, अणुव्रत समिति की सह-संयोजिका रश्मि बढ़ाला, सदस्य लता हीरावत एवं शिल्पा कोठारी, युवक परिषद मंत्री भावेश सिंघवी, भरत कच्छारा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अणुव्रत समिति की सह-संयोजिका सीमा इटोदिया ने सभी अतिथियों, विद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। अनुशासन दिवस के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ जीवन में समयबद्धता, सुव्यवस्था और अनुशासन के महत्व का संदेश दिया गया।