मुंबई। मुंबई शहर के विकास और सामाजिक कल्याण को नई दिशा देने के उद्देश्य से बीएमसी ने ‘पार्टिसिपेट मुंबई’ पहल शुरू की है। बीएमसी मुख्यालय में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में इस पहल के तहत विशेष ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ की शुरुआत की गई।

कार्यक्रम में राज्य के सह-पालक मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, महापौर रितू तावड़े, उपमहापौर संजय घाडी और बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े सहित कई बड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ‘पार्टिसिपेट मुंबई’ केवल कॉर्पोरेट कंपनियों से फंड जुटाने का साधारण जरिया नहीं है, बल्कि सरकार, बीएमसी, उद्योग जगत और सामाजिक संस्थाओं को एक मंच पर लाने की पहल है। उन्होंने कहा कि कई कंपनियां सामाजिक कार्य करना चाहती हैं, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाता।

फडणवीस के अनुसार, इस पहल के जरिए कंपनियां अपने सीएसआर फंड का सीधा और पारदर्शी उपयोग जल, स्वास्थ्य, शिक्षा और बच्चों के पोषण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कर सकेंगी। उन्होंने जोर दिया कि केवल पैसे खर्च करने से बदलाव नहीं आता, बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि उस खर्च से आम जनता के जीवन पर कितना सकारात्मक असर पड़ा है।

मुख्यमंत्री ने सरकारी कामकाज में तेजी लाने और टेक्नोलॉजी के अधिक से अधिक इस्तेमाल की बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से बिना किसी इंसानी दखल के बिल्डिंग प्लान मंजूर होने चाहिए।

‘पार्टिसिपेट मुंबई’ के जरिए मुंबई को और बेहतर और सुंदर बनाने के लिए सरकार, बीएमसी, उद्योग जगत और सामाजिक संस्थाओं सहित सभी वर्गों के मिलकर काम करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। पहल का उद्देश्य सीएसआर फंड के उपयोग को सामाजिक जरूरतों से जोड़ते हुए उसके प्रभाव को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।

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