तस्वीर में मुंबई में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की बैठक के दौरान बीएमसी अधिकारियों और नेताओं को चर्चा करते हुए देखा जा सकता है।

मुंबई। गुजरात में चांदीपुरा वायरस के बढ़ते मामलों और गंभीर स्थिति को देखते हुए मुंबई में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। बच्चों में इस खतरनाक वायरस के संक्रमण के खतरे के बीच मुंबई महानगरपालिका की पूर्व महापौर और शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट की वरिष्ठ नेता किशोरी पेडणेकर ने बीएमसी प्रशासन से शहर में तत्काल कड़े प्रतिबंधात्मक उपाय लागू करने की मांग की है।

बीएमसी मुख्यालय में आयोजित सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान किशोरी पेडणेकर ने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे शहर के लिए हेल्थ अलर्ट जारी करने और विशेष एक्शन प्लान तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से सैंडफ्लाई यानी बालू मक्खी और मच्छरों के जरिए फैलता है, जो छोटे बच्चों के लिए बेहद जानलेवा साबित हो सकता है।



 उन्होंने मांग की कि बीएमसी के सभी 26 वार्डों में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव, विशेष सफाई अभियान और फॉगिंग तत्काल शुरू की जाए। साथ ही उन्होंने मानसून के दौरान शहर में कचरा जमा होने की आशंका पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

किशोरी पेडणेकर ने कहा कि कचरा प्रबंधन में ठेकेदारी प्रथा को लेकर कर्मचारियों के विरोध और आंदोलन के कारण मुंबई में कचरा जमा होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। यदि समय पर कचरा नहीं उठाया गया तो चांदीपुरा वायरस के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी बीमारियां भी तेजी से फैल सकती हैं।

बैठक के दौरान यह भी मांग की गई कि बीएमसी के सभी अस्पतालों, प्रसूति गृहों और बाल रोग विभागों में आवश्यक दवाओं, वेंटिलेटर और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को तत्काल दूर किया जाए। इसके अलावा स्कूलों, आंगनवाड़ियों और घनी बस्तियों में बच्चों का विशेष स्वास्थ्य सर्वेक्षण कराने की भी मांग रखी गई।

किशोरी पेडणेकर ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा बीएमसी की कानूनी जिम्मेदारी है और उच्च न्यायालय भी सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने के कड़े निर्देश दे चुका है। उन्होंने बीएमसी आयुक्त से स्वास्थ्य, सफाई और आपदा प्रबंधन विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, रोजाना कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट का नियमित बुलेटिन जारी करने की मांग की, ताकि मुंबई के नागरिकों और विशेष रूप से बच्चों को इस संभावित स्वास्थ्य संकट से सुरक्षित रखा जा सके।

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