बीएमसी स्कूलों में उर्दू-हिंदी समेत विभिन्न माध्यमों के 1,422 शिक्षक पदों पर भर्ती को मंजूरी
बीएमसी स्कूलों में उर्दू, हिंदी समेत विभिन्न माध्यमों के 1,422 शिक्षक पदों पर भर्ती होगी। रोस्टर जांच के बाद नियुक्तियां शुरू होंगी।
मुंबई महानगरपालिका के स्कूलों में विभिन्न भाषाई माध्यमों से पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बीएमसी प्रशासन ने उर्दू, हिंदी, तेलुगु, कन्नड़, तमिल और गुजराती समेत अन्य माध्यमों के रिक्त शिक्षक पदों को भरने की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है। कांग्रेस के गुटनेता अशरफ आजमी द्वारा बीएमसी आयुक्त और शिक्षा समिति के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
बीएमसी शिक्षा विभाग के जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में विभिन्न भाषाई माध्यमों के कुल 1,422 शिक्षक पद रिक्त हैं। इनमें हिंदी माध्यम के 369 और उर्दू माध्यम के 226 पद शामिल हैं। इसके अलावा तेलुगु, कन्नड़, गुजराती और विशेष दिव्यांग स्कूलों में भी शिक्षकों के कई पद खाली हैं।
अशरफ आजमी ने इस मुद्दे को उठाते हुए जोर दिया था कि शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया केवल मराठी और अंग्रेजी माध्यम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सभी भाषाओं के छात्रों को उनकी मातृभाषा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाने का अधिकार मिलना चाहिए।
शिक्षा विभाग के अनुसार, मराठी और अंग्रेजी माध्यम के रिक्त पदों को भरने का काम शुरू हो चुका है। वहीं, उर्दू और हिंदी माध्यम के लिए रोस्टर की जांच प्रक्रिया जारी है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही दोनों माध्यमों में नियुक्तियां शुरू कर दी जाएंगी।
अशरफ आजमी ने प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही सभी रिक्त पदों पर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति होगी, जिससे गरीब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। विभिन्न भाषाई माध्यमों के 1,422 रिक्त शिक्षक पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू होने से बीएमसी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम सामने आया है।