तस्वीर में बीएमसी मुख्यालय की बंद कैंटीन के दरवाजे और ऊपर लगा 'बृहन्मुंबई महानगरपालिका उपहार गृह' का बोर्ड दिखाई दे रहा है।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के फोर्ट स्थित मुख्यालय की कैंटीन पर ताला लगे लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन इसे दोबारा शुरू करने को लेकर अभी तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के गंभीर उल्लंघन के कारण कैंटीन संचालक का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। कैंटीन अचानक बंद होने से मुख्यालय में कार्यरत बीएमसी कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न कामों के सिलसिले में रोजाना वहां आने वाले आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कैंटीन के निरीक्षण के दौरान एफडीए की टीम को रसोईघर में सफाई की कमी, गुणवत्ताहीन भोजन और स्वच्छता से जुड़ी कई खामियां मिली थीं। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए कैंटीन संचालक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। कार्रवाई के बाद कैंटीन बंद है और इतने दिन बीतने के बावजूद सुधार कार्य पूरा नहीं होने तथा नया लाइसेंस नहीं मिलने के कारण इसकी सेवाएं अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं।

कैंटीन बंद होने से कर्मचारियों को चाय, नाश्ते और दोपहर के भोजन के लिए बीएमसी मुख्यालय से बाहर आसपास की दुकानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे उनके समय और पैसे, दोनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। वहीं, अलग-अलग कामों के लिए मुख्यालय पहुंचने वाले नागरिकों को भी परिसर में भोजन और नाश्ते की सुविधा नहीं मिल पा रही है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बीएमसी प्रशासन कैंटीन में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों को पूरा करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। जल्द ही एफडीए की ओर से कैंटीन का दोबारा निरीक्षण कराया जाएगा। सभी निर्धारित मापदंडों पर खरा उतरने के बाद ही कैंटीन को दोबारा खोलने की अनुमति मिलेगी।

फिलहाल कैंटीन बंद रहने से बीएमसी मुख्यालय में कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था प्रभावित है। एफडीए के निर्धारित खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों की पूर्ति तथा दोबारा निरीक्षण के बाद ही कैंटीन के फिर से खुलने का रास्ता साफ होगा।

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