स्वतंत्र विदर्भ की मांग को लेकर वर्धा में 2 अक्टूबर को जन संकल्प मेळावा
विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने बेरोजगारी और पिछड़ापन दूर करने के लिए पृथक राज्य के गठन तथा 'नागपुर करार' की होली जलाने का ऐलान किया।
वर्धा में स्वतंत्र विदर्भ आंदोलन समिति के पदाधिकारी एक कमरे में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बैठे हैं।
वर्धा में स्वतंत्र विदर्भ राज्य की मांग को लेकर 2 अक्टूबर 2026 को विदर्भ राज्य जन संकल्प मेळावा आयोजित किया जाएगा। विदर्भ राज्य आंदोलन समिति की ओर से यह आयोजन विठ्ठल रुक्मिणी सभागृह, कारला चौक, आर्वी रोड, वर्धा में दोपहर 1 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वतंत्र विदर्भ राज्य के लिए जनजागृति करना है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को उन्हें अभिवादन करने के बाद सेवाग्राम आश्रम से 200 मोटरसाइकिलों की रैली निकाली जाएगी। विदर्भ राज्य आंदोलन समिति और शेतकरी संगठन के नेता तथा पूर्व विधायक एडवोकेट वामनराव चटप ने पत्रकार परिषद में विदर्भवादी जनता और युवाओं से दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
एडवोकेट वामनराव चटप ने कहा कि सभी क्षेत्रों में विदर्भ समृद्ध होने के बावजूद पश्चिम महाराष्ट्र की तुलना में विदर्भ पिछड़ा हुआ है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं हैं, उच्च शिक्षा की सुविधाएं नहीं हैं और राज्य की नौकरियों में विदर्भ का हिस्सा अत्यल्प है। महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा बना हुआ है तथा कुपोषण से हजारों बच्चे प्रभावित हैं। किसानों को सिंचाई की सुविधाएं और कृषि उपज प्रसंस्करण उद्योग उपलब्ध नहीं हैं। किसान आत्महत्या के मामले में विदर्भ और उसमें वर्धा जिला अव्वल है।
उन्होंने कहा कि राज्य की तिजोरी में जमा होने वाली आय में विदर्भ का बड़ा हिस्सा है, लेकिन उसके अनुपात में राज्य सरकार विदर्भ में खर्च नहीं करती। इसके परिणामस्वरूप विदर्भ की जनता को प्रदूषण, बेरोजगारी, आत्महत्या, कुपोषण और महिलाओं की असुरक्षा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
चटप ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य दिवालियापन के कगार पर है और राज्य पर 11 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। उन्होंने कहा कि अब इस राज्य में और कितने भी वर्ष रहने के बावजूद विदर्भ विकसित नहीं होगा।
नागपुर करार में तय किए गए प्रावधानों के अनुसार जनसंख्या के अनुपात में हिस्सा नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए इसके विरोध में विदर्भ के सभी 110 तालुकों में 28 सितंबर 2026 को ‘नागपुर करार’ की होली की जाएगी। विदर्भ राज्य आंदोलन समिति की ओर से कहा गया कि इस अन्याय को दूर करने के लिए स्वतंत्र विदर्भ राज्य का निर्माण किया जाना चाहिए।
इसी मांग को लेकर आयोजित मोटरसाइकिल रैली और जन संकल्प मेळावा में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान विदर्भ राज्य आंदोलन समिति की ओर से विश्रामगृह में आयोजित पत्रकार परिषद में किया गया।
पत्रकार परिषद में जिला समन्वयक मधुसूदन हरने, विदर्भ पार्टी के अध्यक्ष अरुण भाऊ केदार, युवा आघाड़ी अध्यक्ष मुकेश मासुरकर, नागपुर जिला अध्यक्ष गिरीश तितरमारे, वर्धा जिलाध्यक्ष पदमाकरराव भांडारकर, युवा आघाड़ी के अध्यक्ष सतीश दाणी, जिला प्रमुख उल्हास कोंटबकर, महिला आघाड़ी अध्यक्षा सौ लक्ष्मीताई लिचडे, ममताताई चंबुलवार, क्षमा सचिन उड़ान, अभिजीत लाखे, जीवन गुरनूले, शांताराम भालेराव, धोंडबाजी गावंडे, डॉ. अनिल पोफळे, खुशालराव हिवरकर, प्रभाकरराव झाडे, पांडुरंग भालशंकर, रविंद्र खोडे, डॉ. महाकाळकर, पुंडलिक हुडे, राजेंद्रसिंग जुनी इत्यादि उपस्थित थे।