वर्धा जिले में सूखे का संकट गहराया, सरपंच संघ ने आठों तालुकों के लिए मांगी आर्थिक मदद
वर्धा जिले के आठों तालुकों में अल्प बारिश और फसलों पर असर के बीच सरपंच संघ ने सूखा घोषित कर किसानों को आर्थिक मदद देने की मांग की।
तस्वीर में वर्धा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर खड़े हुए सरपंच संघटना के पदाधिकारी नजर आ रहे हैं।
वर्धा जिले के सभी आठ तालुकों में अल्प बारिश और फसलों पर प्रतिकूल असर के बीच किसानों को आर्थिक संकट से राहत दिलाने की मांग तेज हो गई है। सरपंच संघटना ने वर्धा जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। संघटना के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र राऊत के नेतृत्व में जिले के पालकमंत्री और आमदारों को इस संबंध में निवेदन सौंपा गया।
सरपंच संघटना के अनुसार, इस वर्ष देश पर आए एल नीनो के प्रभाव का असर वर्धा जिले के आठों तालुकों में भी हुआ है। जिले में अल्प बारिश होने से इसका सबसे अधिक प्रभाव किसानों पर पड़ा है। कई किसानों द्वारा खेतों में लगाई गई कपास, सोयाबीन, तुअर और सब्जियों की फसलों को नुकसान हुआ है। कपास की फसल की बढ़वार रुक गई है।
वहीं, कई किसानों की सोयाबीन की फसल पर एलोमोझाक रोग का प्रकोप होने से पौधे पीले पड़ गए हैं और फलियों में दाने नहीं भर पाए हैं। इससे किसानों के सामने एक बार फिर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरपंच संघटना ने कहा कि किसानों को इस संकट से बाहर निकालने के लिए जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर आर्थिक सहायता देने की आवश्यकता है।
संघटना ने यह भी कहा कि बारिश कम होने के कारण जमीन में पर्याप्त पानी का निचरा नहीं हो सका, जिससे पानी का स्तर कम हुआ है। इसके चलते इस वर्ष ठंड के दिनों में जिले के कई गांवों में पानी की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है।
सरपंच संघटना ने मांग की कि सरकार और प्रशासन इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अन्य तालुकों की तरह वर्धा जिले के सभी आठों तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए शासन स्तर पर प्रभावी तरीके से पाठपुरावा करें और किसानों को संकट से राहत दिलाएं।
यह निवेदन सरपंच संघटना के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र राऊत, जिला प्रसिद्धी प्रमुख विलास नवघरे, जिला उपाध्यक्ष राजेश सावरकर, जिला उपाध्यक्ष मुरलीधर चौधरी, जिला सचिव संजय ढुमणे, किशोर नेवल, जिला सहसचिव सतीश ठाकरे, तालुका अध्यक्ष कीर्ति सवाई, विजय तडस, नामदेव राऊत, दामिनीताई डेकाटे, ज्योतीताई घंगारे, संतोष सेलूकर, अरुण सायकार, देवेंद्र बोके सहित सरपंच संघटना के पदाधिकारी, सरपंच और प्रशासकों की ओर से जिले के पालकमंत्री और आमदारों को सौंपा गया।
सरपंच संघटना ने शासन और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि वर्धा जिले को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया तो जिले के किसानों को न्याय दिलाने के लिए संघटना आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगी।