कोल्हापुर में बारिश की कमी के बीच खरीफ फसलों को बचाने के लिए किसान पानी की व्यवस्था में जुटे हैं, लेकिन कृषि पंपों के बंद पड़े ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत को लेकर किसानों की कथित अड़चन का मामला सामने आया है। संभाजी ब्रिगेड ने आरोप लगाया है कि कुछ विद्युत कर्मचारी किसानों से कह रहे हैं कि ‘स्मार्ट मीटर लगाए बिना ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत नहीं की जाएगी।’ संगठन के अनुसार, कर्मचारियों की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि ‘ऊपर से आदेश हैं।’

इस मामले को लेकर संभाजी ब्रिगेड की ओर से कोल्हापुर जिला महावितरण मंडल के अभियंता अधिकारी गणपत लटपटे को निवेदन दिया गया है। संगठन ने कृषि पंपों के नादुरुस्त ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत में किसानों को किसी भी तरह की अड़चन नहीं आने देने की मांग की है।

निवेदन में कहा गया है कि फिलहाल बारिश ने दगा दिया है, जिसके कारण किसान फसलों को पानी देने के लिए विद्युत पंपों पर निर्भर हैं। ऐसे में कृषि पंपों के ट्रांसफॉर्मर खराब होने पर यदि उनकी समय पर मरम्मत नहीं होती है, तो खेतों तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। इससे किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

खरीफ सीजन की फसलें अब हाथ में आने की स्थिति में हैं। ऐसे समय पानी के अभाव में फसलों को नुकसान होने की आशंका है और किसान उन्हें बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। संभाजी ब्रिगेड ने कहा कि ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत के काम में किसी भी प्रकार की अड़चन नहीं होनी चाहिए।

संगठन ने सवाल उठाया, ‘देश को अन्न-धान्य उपलब्ध कराने वाला किसान खेती के पानी के लिए विनती कर रहा हो तो जिए कैसे?’ इसके साथ ही किसानों की समस्या का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की गई है।

संभाजी ब्रिगेड के कागल तालुकाध्यक्ष सचिन हंचनाळे ने निवेदन के माध्यम से मांग की है कि कृषि पंपों के नादुरुस्त ट्रांसफॉर्मरों की तत्काल मरम्मत कराने के संबंध में संबंधित अधिकारियों और विद्युत कर्मचारियों को स्पष्ट आदेश दिए जाएं। साथ ही यदि किसानों की अड़चन की शिकायत सामने आती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।


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