बांद्रा म्हाडा मुख्यालय में ठाणे की कॉलोनियों के पुनर्विकास पर मंत्री प्रताप सरनाईक व अधिकारियों की बैठक।   

ठाणे की पुरानी म्हाडा (MHADA) कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए पुनर्विकास का रास्ता खुलने की उम्मीद बढ़ गई है। वर्षों से लंबित प्रशासनिक और कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने पहल तेज कर दी है। वर्तक नगर, शिवाई नगर, स्वामी विवेकानंद नगर और ओवला-माजीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र की पवार नगर कॉलोनी के पुनर्विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर म्हाडा मुख्यालय, बांद्रा में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें निवासियों को आर्थिक राहत देने, जमीन के स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड दुरुस्त करने, अतिरिक्त फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) की संभावनाएं तलाशने और विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की पहल पर आयोजित इस बैठक में पुरानी म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने और वर्षों से बेहतर आवास की प्रतीक्षा कर रहे निवासियों को राहत दिलाने पर जोर दिया गया।

बैठक में म्हाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल, ठाणे नगर निगम आयुक्त सौरभ राव, जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, कोंकण म्हाडा आयुक्त डॉ. विशाल राठौड़, नगर नियोजन अधिकारी संग्राम कांडे, नगरसेविका परिशा सरनाईक, वास्तुकारों और विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

अधिकारियों ने बताया कि इस मामले से संबंधित प्रशासनिक रिकॉर्ड, जो 2019 से बंद पड़े थे, दोबारा खोल दिए गए हैं। बैठक में बकाया लीज किराये पर लगने वाले ब्याज को माफ करने के लिए सरकारी प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। म्हाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने इस प्रस्ताव के प्रति सकारात्मक रुख जताया, जिससे पात्र हाउसिंग सोसायटियों और निवासियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

लीज किराये का बकाया और उस पर जमा हुआ ब्याज ठाणे की कई म्हाडा हाउसिंग सोसायटियों के लिए लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने अधिकारियों से निवासियों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के उपाय तलाशने को कहा। उन्होंने म्हाडा को निर्देश दिए कि निवासियों से लीज किराये का भुगतान केवल चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से ही स्वीकार किया जाए।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक देरी के कारण आम नागरिकों को किसी तरह का आर्थिक दंड नहीं भुगतना पड़े। सरकारी प्रक्रियाओं में लंबित मामलों की वजह से निवासियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने के बजाय उन्हें राहत देने के उपाय किए जाने चाहिए।

शिवाई नगर के निवासियों की पुनर्विकास संबंधी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा के लिए 17 नवंबर 2026 को कॉलोनी में अलग से विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में स्थानीय समस्याओं को समझकर पुनर्विकास प्रक्रिया आगे बढ़ाने के व्यावहारिक समाधान तलाशे जाएंगे। इससे निवासियों और सरकारी अधिकारियों के बीच संवाद बेहतर होने के साथ अलग-अलग हाउसिंग सोसायटियों की समस्याओं पर भी विशेष रूप से विचार किया जा सकेगा।

पुरानी म्हाडा इमारतों के पुनर्विकास में जमीन के रिकॉर्ड दुरुस्त करना भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। करीब 40 वर्ष पुरानी कई इमारतों का भूमि मापन पूरा हो चुका है और इसके लिए आवश्यक शुल्क भी जमा कराया जा चुका है। इसके बावजूद संबंधित 7/12 भूमि अभिलेखों में अभी तक म्हाडा का नाम दर्ज नहीं हुआ है।

इस प्रशासनिक अड़चन को दूर करने के लिए दिवाली के बाद कोंकण म्हाडा के अधिकारियों, वास्तुकारों और ठाणे नगर निगम के नगर नियोजन विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर भूमि अभिलेखों में म्हाडा का नाम दर्ज कराने की कार्रवाई तेज करना है, ताकि पुनर्विकास प्रस्तावों के रास्ते में आ रही एक बड़ी बाधा दूर हो सके।

बैठक में अतिरिक्त फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) देने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। जमीन म्हाडा के नाम हस्तांतरित होने और संबंधित रिकॉर्ड दुरुस्त होने के बाद एकीकृत विकास नियंत्रण एवं प्रोत्साहन विनियम (UDCPR) तथा अन्य लागू नियमों के तहत अतिरिक्त FSI की गुंजाइश की जांच की जाएगी।

अतिरिक्त निर्माण क्षमता मिलने से पुनर्विकास परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता बेहतर हो सकती है। इससे डेवलपर्स को आवासीय परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाने और निवासियों को उन्नत आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

पुनर्विकास के दौरान अस्थायी किराये के मकानों में रहने वाले परिवारों के हितों की सुरक्षा का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। मंत्री प्रताप सरनाईक ने जोर दिया कि डेवलपर्स प्रभावित परिवारों को हर महीने समय पर किराये का भुगतान करें। इसके साथ ही उन डेवलपर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के विकल्पों की जांच करने को कहा गया, जो बिना वजह पुनर्विकास परियोजनाओं में देरी करते हैं या अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करते।

मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि पुरानी म्हाडा कॉलोनियों का पुनर्विकास संवेदनशील विषय है, क्योंकि इससे हजारों परिवारों की सुरक्षा, संरक्षा और गरिमा जुड़ी हुई है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और लंबित मामलों का अनावश्यक देरी के बिना समाधान करने के निर्देश दिए।

बैठक के बाद शिवाई नगर सहित ठाणे की अन्य म्हाडा कॉलोनियों के निवासियों में पुनर्विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है। निवासियों ने नगरसेविका परिशा सरनाईक के लगातार प्रयासों और मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा उनकी समस्याओं को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाने की पहल की सराहना की।

लीज किराये पर ब्याज माफी, भूमि अभिलेखों में सुधार, अतिरिक्त FSI की संभावना और डेवलपर्स की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर एक साथ पहल होने से ठाणे की दशकों पुरानी म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना बनी है।