नाशिक गंगापूर रोड पर रातोंरात 55 पेड़ काटे, विज्ञापन के लिए 10 हजार में सौदा; 6 गिरफ्तार
नाशिक के गंगापूर रोड पर विज्ञापन में बाधा बन रहे 55 पेड़ रातोंरात काटे गए। पुलिस ने छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
तस्वीर में नासिक के गंगापुर रोड पर सड़क के डिवाइडर और पेड़ दिखाई दे रहे हैं।
नाशिक शहर के गंगापूर रोड पर जेहान सर्कल से बेंडकुळे नगर के बीच सड़क के डिवाइडर में लगाए गए 55 पेड़ों को रातोंरात काटने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि विज्ञापन में बाधा बन रहे इन पेड़ों को हटाने के लिए कथित तौर पर 10 हजार रुपये का सौदा किया गया था। मामले में पुलिस ने छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
गंगापूर रोड पर जेहान सर्कल से बेंडकुळे नगर के बीच सड़क के डिवाइडर में महानगरपालिका की ओर से सुशोभीकरण और छाया के लिए पेड़ लगाए गए थे। 30 अगस्त की तड़के यहां बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की गई। यह पूरी घटना क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की और संदिग्धों तक पहुंची।
पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, डिवाइडर में लगे पेड़ों के कारण स्ट्रीट लाइट पर लगे दोहरे विज्ञापन फलक वाहन चालकों को स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे थे। इसी वजह से विज्ञापनों के सामने आ रहे पेड़ों को हटाने का कथित निर्णय लिया गया। जांच में इस काम के लिए करीब 10 हजार रुपये का लेन-देन तय होने का आरोप सामने आया है।
इस मामले में अभिमन्यू खैरनार, दिलीप बेंडकुळे, दीपक दाते, रोहिदास खुरखुटे, अर्जुन चारोस्कर और मच्छिंद्र देशमुख को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, मच्छिंद्र देशमुख एक विज्ञापन एजेंसी से संबंधित है। पुलिस का कहना है कि विज्ञापनों के सामने आ रहे पेड़ों को हटाने के लिए देशमुख ने खैरनार से संपर्क किया था। इसके बाद खैरनार और उसके साथियों ने पेड़ काटे, ऐसा पुलिस की जांच में सामने आया है।
काटे गए पेड़ ‘टर्मिलिया मादागास्कर’ प्रजाति के बताए जा रहे हैं। महानगरपालिका के रिकॉर्ड के अनुसार, इन 55 पेड़ों की कीमत करीब 2 लाख 75 हजार रुपये है। इस तरह सार्वजनिक संपत्ति को 2 लाख 75 हजार रुपये से अधिक का नुकसान होने की बात जांच में दर्ज की गई है।
मच्छिंद्र देशमुख के संचालक वाली आर के इंटरप्राईजेस एजेंसी को 5000 पोल पर विज्ञापन लगाने का ठेका दिया गया है। वृक्षतोड़ जैसे गंभीर अपराध में देशमुख की संलिप्तता सामने आने के बाद महानगरपालिका ने उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की है। आयुक्त मनीषा खत्री के निर्देश पर विज्ञापन एवं लाइसेंस विभाग ने देशमुख की एजेंसी का ठेका रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वृक्षतोड़ में सहभागिता के मामले में ठेका रद्द क्यों न किया जाए, इस संबंध में देशमुख को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी महानगरपालिका की ओर से दी गई है।
इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस की कार्रवाई के बाद छह संदिग्धों की गिरफ्तारी और संबंधित विज्ञापन एजेंसी के ठेके पर प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने से सार्वजनिक पेड़ों की अवैध कटाई का मामला जांच के केंद्र में आ गया है।