मुरगूड में 38 मरीजों की मुफ्त मोतियाबिंद सर्जरी, 118 लोगों की हुई नेत्र जांच
मुरगूड ग्रामीण अस्पताल के सेवा संकल्प अभियान में 118 नागरिकों की नेत्र जांच हुई। इनमें 38 मरीजों को मोतियाबिंद सर्जरी के लिए चुना गया और मंगलवार 29 सितंबर को मुफ्त उपचार के लिए सांगली भेजा गया।
तस्वीर में मुरगूड ग्रामीण अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने डॉक्टर, चिकित्सा कर्मचारी और स्थानीय नागरिक नजर आ रहे हैं।
मुरगूड के ग्रामीण अस्पताल में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित मोतियाबिंद जांच शिविर में 118 नागरिकों की नेत्र जांच की गई। इनमें मोतियाबिंद का निदान होने पर 38 मरीजों का मुफ्त सर्जरी के लिए चयन किया गया। मंगलवार 29 सितंबर को इन मरीजों को सांगली स्थित श्रीमंत विजयसिंह राजे पटवर्धन आई हॉस्पिटल भेजा गया।
राष्ट्रीय अंधत्व एवं दृष्टिक्षीणता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत ग्रामीण अस्पताल, मुरगूड की ओर से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक मोतियाबिंद जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 118 नागरिकों की आंखों की जांच की गई। जांच के बाद मोतियाबिंद से पीड़ित 38 नागरिकों का सर्जरी के लिए चयन किया गया।
ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कंदाडे के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से यह अभियान संचालित किया गया। नेत्र चिकित्सा अधिकारी महेश वालावलकर और व्यंकटेश हावळ ने शिविर में नागरिकों की नेत्र जांच की और मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों का चयन किया।
सर्जरी के लिए सांगली भेजे गए 38 मरीजों का उपचार शासन के माध्यम से मुफ्त किया जाएगा। सर्जरी के बाद मरीजों को मुफ्त दवाएं और चश्मा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
डॉ. प्रवीण कंदाडे ने कहा, “दृष्टि सबसे बड़ा खजाना है। वृद्ध नागरिकों में मोतियाबिंद के लक्षण दिखाई देने पर उन्हें तत्काल ग्रामीण अस्पताल, मुरगूड से संपर्क करना चाहिए। हर मंगलवार और शुक्रवार को नेत्र जांच की सुविधा उपलब्ध है और शासन के माध्यम से मुफ्त उपचार किया जाता है।”
इस अभियान में डॉ. शिवाजी घुमरे, डॉ. शैलेश पाटील, डॉ. गवळी, डॉ. सचिन जिरगे, डॉ. तानाजी कुंभार, डॉ. गोखले, इनचार्ज सिस्टर पल्लवी अडसुळे, विनायक साठे, रुपाली पाटील और महेश जाधव सहित सभी परिचारिकाओं और कर्मचारियों ने सहयोग किया। श्रीमंत विजयसिंह राजे पटवर्धन आई हॉस्पिटल, सांगली के कर्मचारियों का भी सहयोग मिला।
मुरगूड में आयोजित इस अभियान के तहत 38 मरीजों को मुफ्त मोतियाबिंद सर्जरी के लिए सांगली रवाना किया गया। ग्रामीण अस्पताल की ओर से नियमित नेत्र जांच और सरकारी स्तर पर मुफ्त उपचार की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई।