महालक्ष्मी सोसायटी के प्रभावित परिवारों की लड़ाई निर्णायक दौर में, एजीआरसी के आदेश का इंतजार
मुंबई के वर्ली स्थित महालक्ष्मी सोसायटी के प्रभावित परिवारों के पक्के घर और लंबित किराए का मामला एजीआरसी में सुनवाई पूरी होने के बाद अंतिम आदेश के इंतजार में है। आदेश के बाद आगे की रणनीति तय होगी।
तस्वीर में मुंबई स्थित झुग्गी पुनर्विकास प्राधिकरण (एसआरए) कार्यालय के बाहर खड़े लोग दिखाई दे रहे हैं.
मुंबई। वर्ली स्थित महालक्ष्मी सोसायटी के प्रभावित परिवारों के पक्के घर और लंबित किराए की समस्या को लेकर चल रहा संघर्ष अब एजीआरसी के आगामी आदेश पर टिक गया है। लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए प्रयास कर रहे परिवारों की आगे की रणनीति अपील प्राधिकरण के फैसले के बाद तय होगी।
सामाजिक कार्यकर्ता अमर नाथ यादव ने सभी प्रभावित परिवारों से एकजुटता और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि एसआरए यानी झुग्गी पुनर्विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार मामले की एजीआरसी में सुनवाई पूरी हो चुकी है और अगले 12 से 13 दिनों में अंतिम आदेश जारी होने की संभावना है।
अमर नाथ यादव ने कहा कि आगे कोई भी कदम उठाने से पहले एजीआरसी के आदेश की आधिकारिक प्रति हासिल करना प्राथमिकता होगी। इससे प्रभावित परिवारों के पास मामले से संबंधित स्पष्ट और कानूनी दस्तावेज उपलब्ध रहेंगे। अधिकारियों द्वारा बताई गई समय सीमा तक परिवार शांतिपूर्वक इंतजार करेंगे।
यदि निर्धारित समय सीमा में पुनर्वसन के पक्के घर और बकाया किराए को लेकर कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकलता है, तो सभी प्रभावित परिवार मिलकर आगे के कदम उठाएंगे। जरूरत पड़ने पर एसआरए कार्यालय के सामने लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण धरना और प्रदर्शन भी किया जाएगा।
अमर नाथ यादव ने प्रभावित परिवारों से अपील की कि वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अब किसी भी तरह की अफवाह, भ्रम या जल्दबाजी से बचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं, बल्कि बेघर हुए सभी परिवारों का सामूहिक संघर्ष है। ऐसे में आपसी विश्वास, अनुशासन और एकता को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
एसआरए से आदेश की प्रति मिलने के बाद सामूहिक बैठक बुलाई जाएगी। इसमें सभी प्रभावित परिवारों की सहमति से आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। इस तरह महालक्ष्मी सोसायटी के प्रभावित परिवारों की आगे की कार्रवाई अब एजीआरसी के अंतिम आदेश और उसके बाद होने वाली सामूहिक बैठक पर निर्भर करेगी।