समुद्रपुर: मेडिकल कॉलेज निर्माण में देरी पर आंदोलन की चेतावनी
शासन से निधि मंजूर होने के बाद भी काम शुरू न होने पर समिति ने ज्ञापन सौंपा, विधायक समीर कुणावार ने आचार संहिता को बताया वजह।
समुद्रपुर में तहसीलदार कार्यालय के भीतर ज्ञापन सौंपते संघर्ष समिति के सदस्य और स्थानीय नागरिक।
समुद्रपूर। हिंगणघाट-जाम में मंजूर शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय और 430 खाटों के अस्पताल के निर्माण के लिए शासन की ओर से करोड़ों रुपये का निधि मंजूर होने के बावजूद अब तक मौके पर प्रत्यक्ष निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। प्रशासनिक देरी के विरोध में 29 सितंबर 2026 को मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति, समुद्रपूर की ओर से तहसीलदार के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपकर 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की गई। ऐसा नहीं होने पर पूरे समुद्रपूर तालुका में तीव्र जनआंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी गई।
मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रमोद भटे, महेश झोटींग, गुणवंत कोठेकर, देवा धोटे, प्रविण बादले सहित सर्वपक्षीय कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने एकजुट होकर समुद्रपूर के तहसीलदार के माध्यम से शासन को यह ज्ञापन दिया। समिति की ओर से स्पष्ट किया गया कि प्रशासन ने अगले 15 दिनों में प्रत्यक्ष निर्माण कार्य शुरू नहीं किया तो पूरे समुद्रपूर तालुका में तीव्र जनआंदोलन किया जाएगा।
संघर्ष समिति की ओर से जारी पत्रक में कहा गया है कि समुद्रपूर तालुका अधिकांशतः ग्रामीण और किसान-खेतिहर मजदूर बहुल क्षेत्र है। इस क्षेत्र के गरीब मरीजों को आज भी मामूली से लेकर गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए सेवाग्राम, सावंगी या सीधे नागपुर जाना पड़ता है। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण कई मरीजों की रास्ते में ही मौत होने की अनेक घटनाएं हुई हैं।
समिति के अनुसार, हिंगणघाट-जाम में शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय और अस्पताल शुरू होने से समुद्रपूर तालुका की जनता को सबसे नजदीक और अपना आधुनिक उपचार उपलब्ध हो सकेगा। तहसीलदार से मांग की गई है कि इस संवेदनशील विषय की गंभीरता को देखते हुए ज्ञापन तत्काल जिलाधिकारी और राज्य शासन को भेजकर आवश्यक पाठपुरावा किया जाए। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर होने वाले तीव्र जनआंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी।
इस अवसर पर गजानन पारखी, विलास वैद्य, विजय तडस, गजू दुर्गे, नितीन सरोदे, ईश्वर सुपारे, डॉ. रामकृष्ण खुजे, शुभम सोरते, प्रविण धोटे, प्रशांत गहूकर, महादेवराव बैलमारे, प्रफुल उसरे, उमेश वैद्य, वैभव मगर, भारत नांदे, शिवम कारमोरे, अंकुश नवघरे, निलेश कुबडे, बाबाराव ठाकरे, पुरुषोत्तम गोहणे और अमित घाटे सहित मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति, समुद्रपूर के पदाधिकारी, सर्वपक्षीय तथा सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
इस मामले में विधायक समीर कुणावार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उक्त मेडिकल कॉलेज जिला मुख्यालय पर होने के बावजूद उसे स्थानांतरित कर हिंगणघाट-समुद्रपूर के मध्य लाना महाराष्ट्र में एकमात्र घटना है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए निधि मंजूर हो चुका है और निविदा प्रक्रिया भी पूरी होकर निविदा प्रकाशित हो चुकी है, लेकिन आचारसंहिता लागू होने के कारण आगे की कार्रवाई रुक गई।
विधायक समीर कुणावार ने कहा कि इस मामले को राजनीतिक रंग देकर केवल श्रेय लेने और लोगों को गुमराह करने के लिए यह प्रकार शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की पूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आचारसंहिता समाप्त होते ही काम आगे बढ़ेगा।
मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर संघर्ष समिति की ओर से दी गई 15 दिन की समयसीमा और विधायक समीर कुणावार की आचारसंहिता समाप्त होने के बाद काम आगे बढ़ने की प्रतिक्रिया के बीच अब निर्माण कार्य शुरू होने की प्रक्रिया पर क्षेत्र की नजर रहेगी।