तस्वीर में ऊंची आवासीय इमारतें और प्रवेश द्वार पर म्हाडा का लोगो दिख रहा है।

मुंबई के खार पश्चिम स्थित रामकृष्ण नगर में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने रामकृष्ण नगर की म्हाडा इमारतों के समूह पुनर्विकास और इसके लिए विकासक नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। इससे खार पश्चिम के रामकृष्ण नगर में रहने वाले लोगों को पुरानी और जर्जर इमारतों से राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, पुनर्विकास का उद्देश्य बेहतर और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के साथ रहवासियों के जीवन स्तर में सुधार करना है।

मुंबई शहर और उपनगरों में मध्यम आय वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों को किफायती घर उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने 1950 से 1960 के बीच म्हाडा के मुंबई मंडल के माध्यम से 56 आवासीय कॉलोनियां विकसित की थीं। इन 56 कॉलोनियों में कुल 114 हाउसिंग सोसायटियां शामिल हैं। इन्हीं में खार पश्चिम की रामकृष्ण नगर सहकारी आवास संस्था भी शामिल है। समय के साथ इन कॉलोनियों की कई इमारतें पुरानी हो चुकी हैं। रामकृष्ण नगर की कुछ इमारतों की स्थिति भी खराब होने के कारण उनके पुनर्विकास की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब सरकार ने समूह पुनर्विकास को मंजूरी देकर इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

रामकृष्ण नगर सहकारी आवास संस्था की जमीन का कुल क्षेत्रफल 25,523.90 वर्ग मीटर है। इस परिसर में कुल 19 इमारतें हैं। इनमें 18 आवासीय इमारतें और एक कार्यालय भवन शामिल है। ये इमारतें करीब 1985 के आसपास बनाई गई थीं। यानी चार दशक से ज्यादा पुरानी हो चुकी इन इमारतों के पुनर्विकास की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। मंत्रिमंडल के फैसले के बाद अब इन इमारतों के समूह पुनर्विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

रामकृष्ण नगर परिसर की 19 इमारतों में से तीन इमारतों वाले भूखंड नंबर 5, 7 और 8 म्हाडा की ओर से रामकृष्ण नगर सहकारी आवास संस्था को स्वामित्व के आधार पर वितरित किए जा चुके हैं। वहीं, भूखंड नंबर 18 और कार्यालय भवन यानी भवन नंबर 1 से जुड़े भू-भाग को इस समूह पुनर्विकास से बाहर रखा गया है। बाकी जमीन पर विकासक की नियुक्ति कर म्हाडा के माध्यम से समूह पुनर्विकास किया जाएगा।

सरकार ने केवल पुनर्विकास को मंजूरी देने तक ही बात सीमित नहीं रखी है। परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए गृह निर्माण विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार समिति गठित करने को भी मंजूरी दी गई है। यह समिति पुनर्विकास परियोजना की प्रक्रिया और उससे जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर निगरानी रखेगी, ताकि परियोजना में अनावश्यक देरी न हो।

मुंबई में म्हाडा की कई पुरानी कॉलोनियां अब पुनर्विकास की जरूरत का सामना कर रही हैं। खार पश्चिम का रामकृष्ण नगर भी इसी श्रेणी में आता है। यहां समूह पुनर्विकास से पुरानी इमारतों की जगह नए और बेहतर आवास तैयार होने की उम्मीद है। सरकार के इस फैसले से सबसे बड़ा फायदा उन रहवासियों को मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से पुरानी इमारतों में रह रहे हैं। अब विकासक की नियुक्ति और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रोजेक्ट जमीन पर उतरने का रास्ता साफ हो गया है।

रामकृष्ण नगर का समूह पुनर्विकास मुंबई में म्हाडा की पुरानी आवासीय कॉलोनियों के पुनर्विकास की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला है। परियोजना को गति देने के लिए उच्चाधिकार समिति बनाने को भी मंजूरी दी गई है। अब आगे की प्रक्रिया में विकासक की नियुक्ति, परियोजना की योजना और पुनर्विकास से जुड़े अन्य जरूरी चरण पूरे किए जाएंगे। इसके बाद रामकृष्ण नगर की पुरानी इमारतों की जगह नए आवासीय परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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