कोल्हापुर: मुरगूड के सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में एनसीसी भर्ती प्रक्रिया उत्साहपूर्वक संपन्न
5 महाराष्ट्र बटालियन के मार्गदर्शन में आयोजित चयन प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता और साक्षात्कार के आधार पर कैडेट्स का चयन किया गया।
तस्वीर में एनसीसी अधिकारियों की देखरेख में मैदान पर दौड़ लगाने के लिए तैयार खड़े छात्र।
कोल्हापुर : जय शिवराय एज्युकेशन सोसायटी संचालित सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय, मुरगूड में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए एनसीसी प्रथम वर्ष की भर्ती प्रक्रिया उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। 5 महाराष्ट्र बटालियन एनसीसी, कोल्हापुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस चयन प्रक्रिया में विद्यार्थियों ने उत्स्फूर्त सहभागिता दर्ज कराई।
सुबह 7 बजे महाविद्यालय के मैदान पर शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच, ऊंचाई माप, शारीरिक पात्रता परीक्षा, 1600 मीटर दौड़ (लड़के), 800 मीटर दौड़ (लड़कियां), सिट-अप्स, पुश-अप्स और साक्षात्कार जैसे विभिन्न चरण शामिल रहे। चयन प्रक्रिया के सभी चरण अनुशासित और नियोजित तरीके से पूरे किए गए।
भर्ती प्रक्रिया के लिए 5 महाराष्ट्र बटालियन एनसीसी, कोल्हापुर की ओर से सूबेदार प्रशांत रेडेकर और हवलदार जितेंद्र कुमार की नियुक्ति की गई थी। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे और एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट प्रा. व्ही. ए. प्रधान ने पीआई स्टाफ का स्वागत किया और भर्ती प्रक्रिया के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया।
भर्ती प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा कराने में महाविद्यालय के पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ एनसीसी कैडेट्स ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। द्वितीय और तृतीय वर्ष के कैडेट्स ने उम्मीदवारों को विभिन्न शारीरिक और चयन परीक्षाओं के संबंध में मार्गदर्शन दिया। इसके साथ ही अनुशासन, समय प्रबंधन और चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के प्रबंधन की जिम्मेदारी भी उन्होंने उत्साहपूर्वक संभाली।
एनसीसी के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक तंदुरुस्ती और देशसेवा की भावना विकसित करने में मदद मिलती है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को एनसीसी के जरिए व्यक्तित्व विकास के साथ देशसेवा का अवसर मिलेगा।
महाविद्यालय प्रशासन, एनसीसी विभाग, पीआई स्टाफ और कैडेट्स के समन्वय से भर्ती प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह प्रक्रिया विद्यार्थियों को अनुशासन, नेतृत्व और शारीरिक दक्षता के साथ एनसीसी के माध्यम से व्यक्तित्व विकास तथा देशसेवा से जुड़ने का अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।