तस्वीर में ग्रामीण कागल कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।

कागल तालुका क्षेत्र के मौजे एकोंडी में जल जीवन मिशन के तहत मंजूर करीब 1 करोड़ 68 लाख रुपये की पेयजल योजना का काम अब सवालों के घेरे में है। योजना पर बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद गांव के नागरिकों को गंदा और दूषित पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने योजना के काम में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की वरिष्ठ स्तर की समिति से तत्काल जांच कराने की मांग जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से की है।

इस संबंध में वैभव चंदर फासके, विपुल सुरेश मगदुम और विनायक रघुनाथ पाटील ने ग्रामीणों की ओर से ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य गांव के प्रत्येक घर तक शुद्ध और पर्याप्त पानी पहुंचाना है, लेकिन योजना पूरी होने का दावा किए जाने के बाद भी गांव में गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है। इससे नागरिकों के स्वास्थ्य का प्रश्न खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई है।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव की जल वितरण व्यवस्था में लगाए गए वाल्व उचित तकनीकी पद्धति और नियोजन के अनुसार स्थापित नहीं किए गए हैं। संबंधित काम स्वीकृत अनुमानपत्र के अनुसार नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। योजना की निगरानी करने वाले संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।

ज्ञापन में बताया गया है कि अगस्त महीने में हुई ग्रामसभा में जल जीवन मिशन के काम की जांच कराने संबंधी प्रस्ताव ग्रामीणों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से मंजूर किया गया था। इस प्रस्ताव की प्रति भी शिकायत के साथ संलग्न की गई है।

ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि योजना शुरू होने के बाद से लीकेज निकालने के लिए बड़ी मात्रा में खर्च किया गया है। साथ ही, शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी मिलने के बाद 29 अगस्त 2026 को योजना का बचा हुआ काम जल्दबाजी में पूरा किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने इस मामले की भी जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने योजना के पूरे काम की वरिष्ठ समिति के माध्यम से जांच कराने, घटिया काम करने वाले ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई कर उसे काली सूची में डालने और काम की निगरानी करने वाले तथा दोषी पाए जाने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा जल वितरण व्यवस्था के वाल्वों को उचित तकनीकी पद्धति से दोबारा स्थापित कर गांव में शुद्ध पानी की आपूर्ति सुचारु करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि सात दिनों के भीतर शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया गया तो एकोंडी के ग्रामीणों की ओर से संबंधित कार्यालय पर ‘घागर मोर्चा’ निकाला जाएगा। इसके साथ ही लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और अनशन करने की चेतावनी भी दी गई है।

ज्ञापन की प्रतियां जिला परिषद कोल्हापुर, पंचायत समिति कागल और ग्रामसेवक, एकोंडी को भी सौंपी गई हैं। अब ग्रामीणों की शिकायत और ग्रामसभा के सर्वसम्मत प्रस्ताव के बाद जल जीवन मिशन की इस योजना के काम की जांच और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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