तस्वीर में मेडिकल स्टोर के रैक पर विभिन्न प्रकार की दवाइयां रखी दिखाई दे रही हैं।

अमरावती। मोर्शी शहर में मेडिकल दुकानों पर मरीजों से दवाइयों के नाम पर कथित लूट का मामला सामने आ रहा है। आरोग्य सेवा में लापरवाही नहीं बरतने के प्रशासन के निर्देशों के बावजूद शहर की अनेक मेडिकल दुकानों पर मरीजों को दवाइयां एमआरपी प्रिंट रेट पर बेचे जाने की बात सामने आई है।

मेडिकल दुकानों पर दवाइयां खरीदने वाले ग्राहकों को कच्चा बिल दिए जाने और बिल मांगने पर ‘अभी प्रिंटर चालू नहीं है’ जैसे बहाने बनाए जाने की शिकायत सामने आई है। दुकानदारों से इस संबंध में जानकारी लेने की कोशिश करने पर ग्राहकों के साथ अरेरावी पर उतर आने की बात भी सामने आई है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मामले को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोग्य सेवा में लापरवाही नहीं बरतने के केवल निर्देश प्रशासन के स्तर पर दिए जाते हैं, लेकिन मोर्शी शहर में मेडिकल दुकानों पर मरीजों से कथित लूट की स्थिति पर प्रशासन का कोई ध्यान दिखाई नहीं दे रहा है।

वहीं, इस मामले की ओर मीडिया का भी ख्याल नहीं होने की बात कही जा रही है। शहर की अनेक मेडिकल दुकानों में एमआरपी प्रिंट रेट पर दवाइयां बेचे जाने के बावजूद इस पर कोई प्रभावी प्रशासनिक दखल सामने नहीं आया है। इसी तरह ‘तिसरी आंख’ भी इस मामले में गुमसुम नजर आ रही है।

यदि यह सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो शहर की जनता की ओर से आवाज उठाए जाने की आशंका जताई जा रही है। मेडिकल दुकानों पर मरीजों के साथ हो रहे व्यवहार और दवाइयों की बिक्री से जुड़े इस मामले में प्रशासन की निष्क्रियता अब चर्चा का विषय बनती जा रही है।

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