मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान परेल और लालबाग इलाकों में उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच सड़कों पर छूटने वाली हजारों चप्पल-जूतियों को अब जरूरतमंदों तक पहुंचाने की पहल की गई है। हर साल लालबागचा राजा और चिंचपोकली के चिंतामणि मंडल के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान रास्तों पर बड़ी संख्या में चप्पल-जूते छूट जाते हैं।

इस बार बृहन्मुंबई महानगरपालिका के एफ-दक्षिण वार्ड के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग ने इन लावारिस चप्पलों और जूतों के बेहतर इस्तेमाल की पहल शुरू की है। बीएमसी कर्मचारियों ने रातों-रात सघन सफाई अभियान चलाकर सड़कों से हजारों लावारिस चप्पल और जूते इकट्ठे किए।

बीएमसी ने इस सामग्री को फेंकने के बजाय ग्रीन सोल फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाया है। संस्था एकत्र की गई चप्पलों को रीसायकल कर नया रूप देगी और उन्हें दोबारा इस्तेमाल के योग्य बनाएगी।

इसके बाद तैयार किए गए जूते और चप्पल गढ़चिरौली तथा अन्य दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद बच्चों और परिवारों को बांटे जाएंगे। जिन लोगों के पास पहनने के लिए चप्पलें नहीं हैं, उनके लिए यह पहल राहत का माध्यम बनेगी।

बीएमसी की इस योजना से गणेशोत्सव के बाद सड़कों की तुरंत सफाई के साथ-साथ एकत्रित सामग्री का उपयोग जरूरतमंद और आदिवासी बच्चों की मदद के लिए किया जा सकेगा। मुंबईकरों द्वारा उत्सव के दौरान खोई गई चप्पलें अब किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाने का माध्यम बनेंगी।

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