मुंबई। शहर को साफ-सुथरा और सुंदर बनाए रखने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने कचरा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। 1 अप्रैल 2026 से लागू नए कचरा प्रबंधन नियमों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने, थूकने, खुले में पेशाब करने, सड़कों पर गाड़ियां या बर्तन धोने, कचरा जलाने और पालतू जानवरों से गंदगी फैलाने जैसी लापरवाहियों पर जुर्माना लगाया जा रहा है।

बीएमसी के सामने आए आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से 31 अगस्त 2026 के बीच नियमों का उल्लंघन करने के कुल 5,256 मामलों में कार्रवाई की गई। इस दौरान नियम तोड़ने वालों से 90 लाख 22 हजार 626 रुपये का जुर्माना वसूला गया। अकेले अगस्त 2026 में बीएमसी ने 1,250 मामलों में कार्रवाई करते हुए 20 लाख 19 हजार 531 रुपये का जुर्माना जमा किया।

अगस्त में सबसे अधिक कार्रवाई घर या दुकान के आसपास का क्षेत्र साफ नहीं रखने के मामलों में हुई। इस लापरवाही के 492 मामलों में 8 लाख 14 हजार 900 रुपये का जुर्माना वसूला गया। सड़कों, गलियों और पार्कों में कचरा फेंकने के 328 मामलों में 1 लाख 74 हजार 700 रुपये की वसूली की गई।

सूखा और गीला कचरा अलग-अलग नहीं रखने पर भी कार्रवाई की गई। लोगों और व्यावसायिक संस्थानों से जुड़े 122 मामलों में 52 हजार 900 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

निर्माण और इमारतों की तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे को खुले में फेंकने के मामलों पर भी बीएमसी की विशेष नजर है। ऐसे कचरे से हवा में धूल बढ़ने और नालों के जाम होने की समस्या पैदा होती है। पिछले पांच महीनों में निर्माण कचरे से जुड़े 419 मामलों में कार्रवाई करते हुए 31 लाख 64 हजार 476 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

बीएमसी का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि नागरिकों और ठेकेदारों को अपनी जिम्मेदारियों का अहसास कराना भी है। नगर निगम ने सभी मुंबईकरों से कचरे को अलग-अलग रखने और शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

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