गोरगरीबों के असली सहारे हसन मुश्रीफ, घर-घर में लगाएं उनकी तस्वीर: संजयबाबा घाटगे
कागल में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को 11 करोड़ की छात्रवृत्ति मिली। संजयबाबा घाटगे ने हसन मुश्रीफ को गरीबों का सहारा बताया।
तस्वीर में कागल के एक हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री हसन मुश्रीफ और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ लाभार्थी निर्माण श्रमिक नजर आ रहे हैं।
कागल में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को 11 करोड़ रुपये की शैक्षणिक छात्रवृत्ति वितरित की गई। चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ के हाथों हुए इस वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधायक संजयबाबा घाटगे ने हसन मुश्रीफ को गरीब, उपेक्षित और वंचित वर्गों का सच्चा सहारा बताया। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि गरीब, उपेक्षित और दलितों से प्रेम करने की क्षमता और कला महाराष्ट्र में हसन मुश्रीफ के अलावा किसी में नहीं है। उनके मानवीय कार्यों को ध्यान में रखते हुए उनकी तस्वीर घर-घर में लगाई जानी चाहिए।
संजयबाबा घाटगे ने कहा, “गरीब, उपेक्षित और वंचित वर्गों के लिए लगातार काम करने वाले चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ गोरगरीबों के असली सहारे हैं। जब तक वे गरीबों के साथ खड़े हैं, तब तक हम भी हिमालय की तरह उनके साथ खड़े हैं।”
अपने व्यक्तिगत अनुभव का उल्लेख करते हुए घाटगे ने कहा कि उनकी अपनी बहन दिव्यांग थीं। वह खड़ी नहीं हो सकती थीं और खाना भी नहीं खा सकती थीं। बचपन से लेकर उनके पूरे पालन-पोषण की जिम्मेदारी उनकी मां ने निभाई। ऐसी दिव्यांग संतानों के लिए कुछ करने के उद्देश्य से उन्होंने कई वर्षों तक प्रयास किए। हालांकि, नामदार हसन मुश्रीफ ने इस कार्य को वास्तविक रूप से पूरा किया। उन्होंने कहा कि यदि उस समय कोई उन्हें बताता कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शैक्षणिक छात्रवृत्ति मिलेगी, तो उन्हें सपने में भी इस बात पर विश्वास नहीं होता।
घाटगे ने यह भी बताया कि निर्माण श्रमिक कल्याण मंडल के माध्यम से विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित करने के लिए वर्तमान में करीब 14 हजार करोड़ रुपये शेष हैं।
इस अवसर पर मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि निर्माण श्रमिकों के लिए कानून केंद्र सरकार ने 1996 में बनाया था, लेकिन राज्य में इसका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हुआ था। वर्ष 2005 में श्रम कल्याण मंत्री बनने के बाद उन्होंने इस कानून को लागू करने का निर्णय लिया। अब तक निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शैक्षणिक छात्रवृत्ति के रूप में 75 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और जल्द ही यह राशि 100 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंच जाएगी।
मुश्रीफ ने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए हर वर्ष अपना पंजीकरण नवीनीकृत करना आवश्यक है। पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराने पर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की पुस्तिका तैयार कर उसे घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रम मंत्री रहते हुए लिए गए निर्णयों से निर्माण श्रमिकों का बड़े पैमाने पर कल्याण हुआ है।
दिव्यांगों की पीड़ा से निकला पेंशन कानून
संजयबाबा घाटगे द्वारा दिव्यांगों की व्यथा बताते समय उनके भावुक होने और आंखों से आंसू निकलने का उल्लेख करते हुए हसन मुश्रीफ ने कहा कि जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी है, वे अपने दिव्यांग बच्चों की देखभाल कर सकते हैं। लेकिन गरीब और बदहाल परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले परिवारों में दिव्यांग व्यक्ति और उनके माता-पिता को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसी भावना से दिव्यांगों के लिए पेंशन कानून बनाने का निर्णय लिया गया।
जिला बैंक के निदेशक प्रताप उर्फ भैया माने ने कहा कि हसन मुश्रीफ को मंत्रिमंडल में मिले प्रत्येक विभाग के साथ उन्होंने न्याय किया। गरीब व्यक्ति को केंद्रबिंदु मानकर उन्होंने काम किया और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके कार्यों का लाभ लाखों मरीजों को मिला है।
कार्यक्रम में उपनगराध्यक्ष जयवंतराव रावण ने अपने विचार व्यक्त किए। स्वागत सहायक श्रम आयुक्त संदेश अहिरे ने किया, जबकि प्रस्तावना प्रवीण काळबर ने रखी।
कार्यक्रम में कागल की नगराध्यक्षा सविता प्रताप उर्फ भैया माने, पंचायत समिति की सभापति सुवर्णा पाटील, उपनगराध्यक्ष जयवंतराव रावण, केडीसीसी बैंक के निदेशक प्रताप उर्फ भैया माने, वरिष्ठ नगरसेवक चंद्रकांत गवळी, पंचायत समिति के उपसभापति डॉ. इंद्रजीत पाटील, पूर्व नगराध्यक्ष प्रकाश गाडेकर, भैरू पाटील, फारूक मुल्ला, सुरेखा गोणुगडे, प्रियांका घाटगे, किरण पाटील, संजय चितारी, कागल तालुका निर्माण श्रमिक योजना समिति के अध्यक्ष अशोक वडर, सह-अध्यक्ष संतोष गायकवाड सहित बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक लाभार्थी उपस्थित थे।
कागल में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को 11 करोड़ रुपये की शैक्षणिक छात्रवृत्ति का वितरण निर्माण श्रमिकों के कल्याण और उनके बच्चों की शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को सामने लाता है। कार्यक्रम में छात्रवृत्ति वितरण के साथ दिव्यांगों के लिए पेंशन कानून और निर्माण श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े प्रयासों पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के दौरान पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को 11 करोड़ रुपये की शैक्षणिक छात्रवृत्ति वितरित करते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ मौजूद रहे। इस दौरान पूर्व विधायक संजयबाबा घाटगे, प्रताप उर्फ भैया माने और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।