तपोन्मेष कार्यशाला में तप के अनकहे आयामों पर मुनि कुलदीप कुमार ने दिया मार्गदर्शन
ठाणे में “तपोन्मेष” कार्यशाला में तप के अनकहे आयामों पर मुनि मुकुल कुमार ने मार्गदर्शन दिया, जानिए तपस्या से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू।
तस्वीर में ठाणे में आयोजित 'तपोन्मेष' कार्यशाला के मंच पर मुनिश्री और सभा के पदाधिकारी व सदस्य नजर आ रहे हैं।
तेरापंथ महिला मंडल, ठाणे द्वारा जैन वाङ्मय “अप्पदीवो भव” कार्यशाला के अंतर्गत “तपोन्मेष — तप के अनकहे आयाम” विषय पर आचार्य महाश्रमण के सुशिष्य मुनि कुलदीप कुमार के सानिध्य में विशेष आध्यात्मिक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य तप के विविध, अनकहे एवं अल्पज्ञात आयामों को समझना तथा तप के माध्यम से आत्म-साधना, अनुशासन और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में प्रेरणा प्राप्त करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य महाश्रमण के सुशिष्य मुनि मुकुल कुमार द्वारा नमस्कार महामंत्र के उच्चारण से हुआ। महिला मंडल की बहनों ने मंगलाचरण प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक एवं मंगलमय बनाया। इसके बाद तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष संगीता चंडालिया ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए उपस्थित सभी अतिथियों एवं धर्मप्रेमी श्रावक-श्राविकाओं का आत्मीय स्वागत किया।
जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा ठाणे के अध्यक्ष नरेश बाफना ने अपने विचारों के माध्यम से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और उपस्थित जनों को प्रेरित किया। अपूर्वा जी श्रीश्रीमाल ने गीतिका के माध्यम से अपने भावों की अभिव्यक्ति दी। वहीं, जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा मुंबई के अध्यक्ष सुरेन्द्र कोठारी ने अपने प्रेरणादायी विचारों से उपस्थितजनों को लाभान्वित किया।
कार्यशाला का मुख्य आकर्षण आचार्य महाश्रमण के सुशिष्य मुनि मुकुल कुमार का “तपोन्मेष — तप के अनकहे आयाम” विषय पर मार्गदर्शन रहा। उन्होंने अत्यंत सरल, प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक शैली में तप के विभिन्न पहलुओं को समझाया। उन्होंने बड़ी तपस्याओं को सहजता से करने, तपस्या के दौरान होने वाली सामान्य भूलों, पित्त एवं कमजोरी जैसी समस्याओं से बचाव, जैन धर्म में वर्णित दुर्लभ एवं अल्पज्ञात तपस्याओं तथा तेरापंथ की तपोगाथाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
मुनि मुकुल कुमार ने तपस्या में भाव, आहार, दिनचर्या एवं अन्य पहलुओं की भूमिका को भी विस्तार से समझाया। उनके प्रेरणाप्रद विचारों से उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं में तप के प्रति नई समझ, जागरूकता एवं प्रेरणा का संचार हुआ।
कार्यक्रम के पश्चात आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले प्रयोजकगण का सम्मान किया गया। प्रयोजकगण के नामों का उल्लेख कार्यक्रम की सहसंयोजिका निशा भटेवरा ने किया। तेरापंथ महिला मंडल की कोषाध्यक्ष लीला सिंघवी ने आभार व्यक्त करते हुए पूज्य मुनिश्री, अतिथिगण, प्रयोजकगण, पदाधिकारीगण, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित सभी श्रावक-श्राविकाओं के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम का कुशल संचालन तेरापंथ महिला मंडल ठाणे की मंत्री खुशबू पामेचा ने किया। “तपोन्मेष — तप के अनकहे आयाम” कार्यशाला ने तप के विविध और अल्पज्ञात पक्षों को समझने के साथ आत्म-साधना, अनुशासन एवं आध्यात्मिक उन्नति के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।