ओडिशा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए अंत्योदय गृह योजना की अवधि बढ़ा दी है।

ओडिशा सरकार ने ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अंत्योदय गृह योजना की अवधि दो साल बढ़ाकर 2029 तक कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को इस फैसले की घोषणा करते हुए योजना के तहत 2,91,666 अतिरिक्त मकानों के निर्माण की जानकारी दी। इस विस्तार से उन गरीब और जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है, जो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास सहायता से वंचित रह गए हैं।

अंत्योदय गृह योजना (AGJ) ओडिशा सरकार द्वारा वित्तपोषित ग्रामीण आवास योजना है। इसे पहले की बीजू पक्का घर योजना के स्थान पर शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य गरीब और कमजोर वर्ग के उन ग्रामीण परिवारों को स्थायी पक्के मकान उपलब्ध कराना है, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास नहीं मिल पाया। पहले यह योजना वर्ष 2027 तक संचालित होनी थी, लेकिन अब इसकी अवधि 2029 तक बढ़ा दी गई है।

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए 1,20,000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती है। मकान के लिए न्यूनतम 25 वर्ग मीटर कारपेट एरिया का निर्माण आवश्यक बताया गया है, जिसमें शौचालय का स्थान शामिल नहीं है।

सरकार ने निर्धारित समय में मकान निर्माण पूरा करने वाले लाभार्थियों के लिए प्रोत्साहन राशि में भी बदलाव किया है। अब पांच महीने के भीतर मकान निर्माण पूरा करने पर 35,000 रुपये और सात महीने के भीतर निर्माण पूरा करने पर 20,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य निर्माण कार्य समय पर पूरा कराने और अधिक परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने को प्रोत्साहित करना है।

योजना के लिए पात्रता में ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों के स्थायी निवासी शामिल हैं, जिनके पास अपना मकान नहीं है या जो कच्चे मकानों में रहते हैं। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे परिवारों की मासिक घरेलू आय 15,000 रुपये से कम होनी चाहिए और उन्हें पहले किसी सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिला होना चाहिए। दिव्यांगजन, विधवाएं, गंभीर रूप से बीमार मरीज, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोग और मकान में आग लगने से प्रभावित परिवार प्राथमिकता वाले समूहों में शामिल हैं।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पंचायती राज एवं पेयजल विभाग को अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए सर्वेक्षण कराने के निर्देश भी दिए हैं। इस सर्वेक्षण के माध्यम से योजना के दायरे में आने वाले नए परिवारों की पहचान की जाएगी। योजना की अवधि बढ़ाने, अतिरिक्त मकानों के निर्माण और समयबद्ध निर्माण पर प्रोत्साहन देने के फैसलों के जरिए ओडिशा सरकार का लक्ष्य अधिक पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है।