कोल्हापुर: वेदगंगा नदी पर बने कुरणी बंधारे के 7 पिलर हुए क्षतिग्रस्त, जलस्तर घटने से सामने आया खतरा
सिंचाई विभाग आठ दिनों में 67 लाख रुपये की मंजूर निधि से कुरणी समेत तीन बंधारों का मरम्मत कार्य शुरू करेगा।
कोल्हापुर में वेदगंगा नदी का जलस्तर घटने के बाद कुरणी बंधारे के पिलरों में हुए नुकसान और कटाव की स्थिति।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में वेदगंगा नदी पर स्थित कुरणी बंधारे की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। करीब 40 वर्ष पहले बनाए गए कोल्हापुर पद्धति के इस बंधारे के पूर्वी हिस्से के सात पिलर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। नदी का जलस्तर घटने के बाद पिलरों की टूट-फूट, पत्थरों के निकलने और नींव के पास हो रहे कटाव की स्थिति स्पष्ट दिखाई देने लगी है। बंधारे की मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग ने 67 लाख रुपये की राशि मंजूर की है, लेकिन बारिश के कारण काम रोकना पड़ा। अब विभाग ने अगले आठ दिनों में कुरणी सहित चिखली और बस्तवडे के तीनों बंधारों की मरम्मत शुरू करने की जानकारी दी है।
कुरणी बंधारे में पत्थर और सीमेंट से बनाए गए 20 से अधिक पिलर हैं। इनमें से पूर्वी हिस्से के सात पिलरों में टूट-फूट दिखाई दे रही है। कुछ स्थानों पर पिलरों के पत्थर निकल गए हैं, जबकि उनके निचले हिस्से में भी कटाव और क्षरण नजर आ रहा है। इस स्थिति ने बंधारे की मजबूती और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में बंधारे की तकनीकी जांच कराकर आवश्यक मरम्मत समय पर पूरी करना महत्वपूर्ण होगा।
कुरणी बंधारे की मरम्मत के लिए पहले भी निधि खर्च की जा चुकी है। इस वर्ष मानसून से पहले मंजूर राशि से मरम्मत का काम शुरू किया गया था, लेकिन बारिश के कारण इसे रोकना पड़ा। अब नदी का जलस्तर कम होने से पिलरों की वास्तविक स्थिति अधिक स्पष्ट दिखाई दे रही है। ऐसे में क्षेत्र के नागरिकों की नजर दोबारा शुरू होने वाले मरम्मत कार्य पर टिकी है।
बंधारे पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। इसके बावजूद इस मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन जारी दिखाई दे रहा है। बंधारे के पिलरों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लगाए गए प्रतिबंधों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई जा रही है।
वेदगंगा नदी पर बना यह बंधारा आसपास के किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। गर्मियों में मार्च, अप्रैल और मई के दौरान पानी का भंडारण बनाए रखने में इसका उपयोग होता है। पंचक्रोशी के गांवों के नागरिकों के लिए भी यह बंधारा अहम है। इस वर्ष बारिश कम होने के कारण सितंबर महीने में लोहे के पिलर लगाकर पानी रोकने की व्यवस्था की जाती हुई दिखाई दी थी।
आठ दिनों में शुरू होगा मरम्मत कार्य
वेदगंगा-चिकोत्रा सिंचाई विभाग, गारगोटी के उपविभागीय अभियंता जी. वी. मगदूम ने बताया कि वेदगंगा नदी पर स्थित कुरणी, चिखली और बस्तवडे के तीनों बंधारों की मरम्मत के लिए सरकार ने निधि मंजूर की है। अगले आठ दिनों में तीनों बंधारों पर मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा।
कुरणी बंधारे के पूर्वी हिस्से के सात पिलरों में दिखाई दे रही टूट-फूट और भारी वाहनों की आवाजाही के बीच अब मरम्मत कार्य शुरू होने का इंतजार है। क्षेत्र के किसानों और नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण इस बंधारे की सुरक्षा के लिहाज से प्रस्तावित मरम्मत कार्य समय पर शुरू होना अहम रहेगा।