कोल्हापुर: कर्मवीर हिरे कॉलेज में अभिजात मराठी भाषा सप्ताह का आयोजन
कर्मवीर हिरे कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. चंद्रकांत पोतदार ने मातृभाषा संरक्षण और नियमित वाचन के महत्व पर जोर दिया।
कोल्हापुर के कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में अभिजात मराठी भाषा सप्ताह पर कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कोल्हापुर। मातृभाषा के संरक्षण के साथ वैचारिक समृद्धि हासिल करने में वाचन की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों को पढ़ने की रुचि विकसित करते हुए विभिन्न विषयों का व्यापक अध्ययन करना चाहिए। यह प्रतिपादन डॉ. चंद्रकांत पोतदार ने किया। वे कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में आयोजित अभिजात मराठी भाषा सप्ताह और वाचन प्रेरणा दिवस के कार्यक्रम में बोल रहे थे।
महाविद्यालय के मराठी विभाग, रा. वि. परुळेकर ग्रंथालय और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उदयकुमार शिंदे ने की। इस अवसर पर श्री मौनी विद्यापीठ के कर्मचारी प्रतिनिधि डॉ. अरविंद चौगुले, महाविद्यालय के उपप्राचार्य डॉ. संजय देसाई, बीए-बीएड समन्वयक डॉ. शारदा पाटील, मराठी विभागाध्यक्ष डॉ. युवराज दीक्षित और IQAC समन्वयक डॉ. सागर व्हनाळकर उपस्थित रहे।
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. उदयकुमार शिंदे ने कहा कि मातृभाषा की समृद्ध परंपरा को संरक्षित करने के साथ प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन पुस्तक की कम से कम दस पंक्तियां पढ़ने की आदत अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित वाचन से भाषा की समझ बढ़ती है और विचारों को उचित दिशा मिलती है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रतिमा के पूजन और भित्तिपत्रिका के उद्घाटन के साथ हुई। ये सभी गतिविधियां प्रमुख वक्ता डॉ. चंद्रकांत पोतदार, प्राचार्य डॉ. उदयकुमार शिंदे, कर्मचारी प्रतिनिधि डॉ. अरविंद चौगुले, उपप्राचार्य डॉ. संजय देसाई और मराठी विभागाध्यक्ष डॉ. युवराज दीक्षित के हाथों संपन्न हुईं।
कार्यक्रम में प्रा. शिवाजी देसाई ने प्रस्तावना प्रस्तुत की, जबकि डॉ. युवराज दीक्षित ने प्रमुख अतिथि का परिचय कराया। प्रा. अनिता मतिवडे ने मंच संचालन किया और प्रा. सौ. सोनाली महाजन ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संयोजन प्रा. शुभांगी किरोळकर ने किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, गैर-शिक्षण कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अभिजात मराठी भाषा सप्ताह और वाचन प्रेरणा दिवस के आयोजन के माध्यम से मातृभाषा के संरक्षण, नियमित पढ़ने की आदत और विद्यार्थियों में व्यापक अध्ययन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।